सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

‘जैसा लिखा वैसा छपा’ का लोकार्पण २८ अगस्त को

‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ के तत्त्वावधान मे आयोजित सारस्वत समारोह मे ‘सर्जनपीठ’ की ओर से प्रकाशित ‘विश्व की प्रथम असंशोधित साहित्यिक पुस्तक’ हिन्दी-कवितासंग्रह ‘जैसा लिखा वैसा छपा’ का लोकार्पण २८ अगस्त को मध्याह्न १२ बजे से ‘सारस्वत सभागार’, लूकरगंज, प्रयागराज मे किया जायेगा। इस सारस्वत कृति का सम्पादन आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने किया है।

समारोह-संयोजक डॉ० प्रदीप चित्रांशी के अनुसार, इस अवसर पर एक कवि-सम्मेलन का भी आयोजन किया जायेगा, जिसमे नगर और नगर से बाहर की कवि-कवयित्रियों की भागीदारी रहेगी।