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बीमार, वृद्ध तथा 80 वर्ष से ऊपर की अशक्त महिलाओं की रिहाई का प्रस्ताव : राज्यपाल

नारी बन्दी निकेतन गोसाईगंज जाकर कैदियों से मिलीं राज्यपाल


राज्यपाल ने बीमार वृद्ध महिलाओं तथा 80 वर्ष से ऊपर की अशक्त महिलाओं की रिहाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये

लखनऊः 21 नवम्बर, 2020

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने आज अपने जन्म दिवस के अवसर पर नारी बन्दी निकेतन गोसाईगंज, लखनऊ में दो घंटे से अधिक समय तक बंदियों के बीच बिताकर उनके दुःख, कष्ट एवं किये गये अपराध के बारे में जानकारी प्राप्त की। राज्यपाल ने पाकशाला में कैदियों के लिए तैयार हो रहे भोजन का निरीक्षण किया एवं जेल चिकित्सालय में भर्ती गम्भीर रूप से बीमार कैदियों से भी मुलाकात की। उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही वस्तुओं को भी देखा। राज्यपाल को बताया गया कि यहां की बंदी महिलाओं द्वारा तैयार किये जा रहे सेनेटरी पैड को बाहर भी भेजा जाता है।

राज्यपाल ने जेल चिकित्सालय में कैदियों के दुःख एवं कष्ट को देखकर जिलाधिकारी से गम्भीर रूप से बीमार वृद्ध महिलाओं तथा 80 वर्ष से ऊपर की अशक्त महिलाओं की रिहाई का प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिये। उन्होंने महिला कैदियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि यहां से जाने के बाद आप भविष्य में कोई ऐसा कार्य नहीं करेंगी, जिससे आप को दोबारा जेल में आना पड़े। गुस्से एवं उत्तेजना में किया गया कार्य हमेशा कष्टदायक होता है। उन्होंने महिला कैदी के साथ रह रहे छोटे-छोटे बच्चों को उपहार भी दिया।

इस अवसर पर राज्यपाल ने कैदियों के उपयोगार्थ 5 सिलाई मशीन, 10 कैसरोल, 1 ई-रिक्शा, 10 पैकेट स्टेशनरी किट, 12 पैकेट लड्डू, 9 स्वेटर एवं 50 पैकेट चाकलेट तथा दृष्टिबाधित के लिए 2 स्मार्ट केन व 2 ब्रेल किट को भेंट किया।

इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव राज्यपाल श्री महेश कुमार गुप्ता, डी0जी0 जेल, जिलाधिकारी लखनऊ एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

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