सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

रिहायशी इलाकों, पूजा-स्थलों और स्कूल-कॉलेजों के पास शराब की दुकान खोलने के विरोध का मामला

अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस


सुप्रीम कोर्ट के आदेश की छाया में हाई-वे से 500 मीटर दूर शराब की दुकानें खोले जाने में आबकारी विभाग ने बड़ी गफलतें कर दीं। नघेटा रोड पर आरआर इण्टर कॉलेज के सामने शराब की दुकान खोल दी गई। बिलग्राम चुंगी की देसी शराब की दुकान कन्हई पुरवा पहुंचाई गई तो स्थानीय लोगों ने विरोध में जाम लगा दिया। एडीएम डॉ0 विपिन मिश्रा और सीओ सिटी अजीत सिंह चौहान ने बमुश्किल तमाम समझा-बुझा लोगों को मनाया। रेलवेगंज में मालगोदाम के पास रिहायशी इलाके में अंग्रेजी शराब की दुकान खोले जाने के विरोध में स्थानीय लोगों ने डीएम व सांसद को शिकायती पत्र देने के साथ मुख्यमंत्री को भी भेजा था।

चौतरफ़ा विरोध के सुर उठने पर जिला मजिस्ट्रेट विवेक वार्ष्णेय आज एक्शन में आए। उन्होंने आवंटित आबकारी की दुकानों की जांच को तहसीलवार टीमों का गठन किया है। तहसील सदर, सण्डीला, बिलग्राम, सवायजपुर और शाहाबाद के लिये सम्बन्धित एसडीएम, क्षेत्राधिकारी व क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षक को नामित किया है। डीएम ने नामित टीमों से कहा है कि शिकायतें मिल रही हैं कि वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए जनपद में आवंटित आबकारी की अधिकांश दुकानें रिहायशी इलाकों, शैक्षणिक संस्थानों, धार्मिक स्थानों के पास खोली गई हैं। जबकि, आबकारी मैन्युअल के अनुसार सार्वजनिक पूजा स्थल, विद्यालय, चिकित्सालय और आवासीय कॉलोनी के नगर निगम में होने पर 50 मीटर, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत में होने पर 75 मीटर और अन्य क्षेत्रों में 100 मीटर की दूरी के भीतर दुकान या उप दुकान को लाइसेन्स नही दिया जायेगा। परन्तु, यदि कोई सार्वजनिक पूजा स्थल, विद्यालय, चिकित्सालय, आवासीय कॉलोनी में दुकान या उपदुकान की स्थापना के बाद अस्तित्व में आती है, तो इस नियम के प्रावधान लागू नही होगें।

वार्ष्णेय ने गठित टीमों से कहा है कि आबकारी मैन्युअल के अनुसार अपने-अपने क्षेत्र की आबकारी दुकानों का स्थलीय निरीक्षण कर 03 दिन में जिला आबकारी अधिकारी के माध्यम से तथ्यात्मक आख्या प्रस्तुत की जाए।