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रामचरितमानस पर बिहार के शिक्षामन्त्री का बयान अक्षम्य : नितेश शर्मा

डॉ० नीलकण्ठ जी ने बिहार सरकार के मानसिक विक्षिप्त मन्त्री चंद्रशेखर के कुकृत्य को लेकर निन्दा प्रस्ताव पारित किया

आदित्य त्रिपाठी :

लखनऊ : बिहार के जाहिल शिक्षामंत्री प्रो० चंद्रशेखर सिंह ने भारतीय दर्शन के महत्त्वपूर्ण ग्रन्थ तुलसीदासकृत रामचरितमानस पर अमर्यादित टिप्पणी कर सनातनधर्मियों मे क्षोभ उत्पन्न कर दिया है। कुछ समय पूर्व इसी धड़े के नेता जगदानन्द ने भी श्रीराम मन्दिर को लेकर प्रतिकूल व भड़काऊ टिप्पणी की थी। सन्त समाज से लेकर हिन्दू धर्म मे आस्था रखने वाला प्रत्येक व्यक्ति इन बयानो से आहत हुआ है।
  
ज्ञात हो कि चंद्रशेखर सिंह महागठबंधन की सरकार में मधेपुरा से राजद के विधायक हैं। उसने रामचरितमानस पर सवाल उठाया है। इस नेता ने रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला और महिलाओं को शिक्षा से दूर रखने वाला बताया है। बुधवार को नालंदा खुला विश्वविद्यालय (एनओयू) के 15वें दीक्षांत समारोह के दौरान इस नेता ने कहा कि ‘मनुस्मृति में समाज की 85 फीसदी आबादी वाले बड़े तबके के खिलाफ गालियां दी गई। उसने कहा कि रामचरितमानस के उत्तर कांड में लिखा है कि नीच जाति के लोग शिक्षा ग्रहण करने के बाद सांप की तरह जहरीले हो जाते हैं। यह नफरत को बोने वाले ग्रंथ हैं। एक युग में मनुस्मृति, दूसरे युग में रामचरितमानस, तीसरे युग में गुरु गोलवलकर का बंच ऑफ थॉट, ये सभी देश को, समाज को नफरत में बांटते हैं। नफरत देश को कभी महान नहीं बनाएगी। देश को महान केवल मोहब्बत ही बनाएगी।’ शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने विवादित बयान देते हुए ‘रामचरितमानस’ को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया। मंत्री चंद्रशेखर ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि रामचरितमानस ग्रंथ समाज में नफरत फैलाने का ग्रंथ है। यह समाज में दलितों, पिछड़ों और महिलाओं को पढ़ाई से रोकता है। उन्हें उनका हक दिलाने से रोकता है। उन्होंने कहा कि मनुस्मृति को क्यों जलाया गया, क्योंकि उसमें एक बड़े तबके के खिलाफ अनेकों गालियां दी गईं।

चंद्रशेखर के इस बयान की पूरे देश मे निन्दा हो रही है। इसी मामले को देकर बजरंग दल के जिला संयोजक और जय श्रीराम सेवा परिवार संस्थान के अध्यक्ष नितेश शर्मा के नेतृत्व मे लखनऊ मे एक बैठक का आयोजन किया गया। युवा चिन्तक व स्वयंसेवक डॉ० नीलकण्ठमणि पुजारी, एडवोकेट हिमांशु वैश्य, स्वयंसेवक-धार्मिक विचारक शशांक मिश्र और ह्यूमन वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’ इस बैठक मे उपस्थित रहे।

इस बैठक मे डॉ० नीलकण्ठ जी ने बिहार सरकार के मानसिक विक्षिप्त मन्त्री चंद्रशेखर के कुकृत्य को लेकर निन्दा प्रस्ताव पारित किया और साथ ही मन्त्री के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के विषय मे भी विचार-विनिमय किया गया। बैठक में नितेश जी ने कहा कि रामचरितमानस पर बिहार के शिक्षामन्त्री का बयान अक्षम्य है, इसलिये क्षमा नही; दण्डात्मक कार्रवाई ही एकमात्र विकल्प है। नितेश शर्मा जी धर्म की धरा को उर्वर बनाने के लिए प्रयत्नरत हैं। उनकी संस्था जय श्री राम परिवार द्वारा पिछले 10 वर्षों से अखंड राम नाम लेखन कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित किया जा रहा है। वह पिछले कई वर्षों से तीसरे बड़े मंगल पर भंडारे का आयोजन कर रहे हैं। प्रत्येक वर्ष भारत माता की आरती, शहीदों के नाम एक दिया जैसे कई कार्यक्रम जय श्री राम परिवार द्वारा आयोजित किये जा रहे हैं। इसी तरह अन्य साथी भी किसी न किसी रूप मे विगत एक दशक से सनातनमूल्यों की रक्षा हेतु प्रयासरत हैं। शीघ्र ही इस तरह के भड़काऊ और धर्मविरोधी बयानवीरों के विरुद्ध एक अभियान चलाने पर भी सहमति बनी है। आने वाले दिनो मे एक और बैठक कर सभी धर्मप्रेमी भविष्य की योजनाओं को मूर्त रूप देने का प्रयास करेंगे।