सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

कस्तूरी राम कॉलेज में ‘ध्यान’ पर आयोजित हुई शोध चर्चा

असिस्टेंट प्रो. बलजीत सिंह ने ‘ध्यान यानि मैडिटेशन ’ विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया

नरेला के कस्तूरी राम कॉलेज ने अपनी परंपरा को जारी रखते हुए एक बार फिर शोध चर्चा का आयोजन किया|  शोध चर्चा के इस  चरण में बी.एड. विभाग के असिस्टेंट प्रो. बलजीत सिंह  ने ‘ध्यान यानि मैडिटेशन ’ विषय पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। बलजीत सिंह ने अपने शोध पत्र में बताया की दुनिया को ध्यान की जरूरत है चाहे वह किसी भी देश या धर्म का व्यक्ति हो। ध्यान से ही व्यक्ति की मानसिक संवरचना में बदलाव हो सकता है। जब मन व्यग्रता से मुक्त होता है, स्थिर व शांत होता है तभी ध्यान होता है।आज के समय में, जब तक आँख कुछ देखे या मन कुछ समझ पाए, इससे पहले ही तनाव आपको अपने घेरे में ले लेता है। इस हालत में ध्यान कोई आराम की चीज़ नही अपितु एक बहुत बड़ी आवश्यकता है। बिना शर्त की प्रसन्नता और मन की शांति पाने के लिए हमें ध्यान का सहारा लेना होगा।शोध चर्चा के आयोजन की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. के. बी. अस्थाना ने की व इस अवसर पर संस्थान की प्रिंसिपल डॉ. सोनिया आनन्द सहित सभी शिक्षक उपस्थित थे।