-राजेश पुरोहित, भवानीमंडी
सूरत (गुजरात) :- इस कोरोना नाम के दानव ने हाहाकार मचा रखा है एक के बाद एक रचनाकारों को अपना ग्रास बना रहा है। गत शुक्रवार 14 मई को एक और साहित्यकार हमसे बिछड़ गया।
छविकान्त शर्मा जी एक अद्भुत व्यक्तित्व के स्वामी रहें हैं । उनकी अर्धांगनी श्री मति नीलम शर्मा जी ने उनके दो पुत्रों को जन्म दिया और उन्हें संस्कारो से युक्त किया । छविकान्त शर्मा जी यद्यपि निजी व्यापार में व्यस्त रहे लेकिन उन्हें साहित्य से अन्तःकरण से लगाव रहा । उन्होंने साहित्य के सन्दर्भ में कितने ही मंचों पर अपनी सेवा दान की । उन सभी में कलम बोलती है साहित्य समूह और विनोद शर्मा ‘विश’ का मंच साहित्य रेखा भी हैं विनोद शर्मा जी ई-पत्रिका “साहित्य रेखा” के संपादक हैं, और छविकान्त शर्मा जी को जब विनोद शर्मा जी ने सह संपादक के लिए कार्य भार दिया उन्होंने कई अंक में अपना विशेष सहयोग दिया। साथ ही अपनी कई अभूतपूर्व रचनाओं को भी साहित्यरेखा पत्रिका में साझा किया। साहित्य रेखा मंच पर उन्होंने अपने सहयोग की गाथा रच डाली । वहां के हर सदस्य के ह्रदय में उन्होंने एक विशेष छाप छोड़ी और अपने नाम “छवि” को साकार कर दिखाया । किन्तु खेद है कि अब वह “छवि” मात्र “छवि” ही बनकर रह गयी ।
कलम बोलती है साहित्य समूह, सुरत (गुजरात) द्वारा 17 मई – 18 मई को उनकी याद में श्रद्धांजलि स्वरुप “स्व. श्री छविकांत शर्मा जी की स्मृति” का आयोजन रखा गया था। जिसमें देश के कई जाने माने साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं द्वारा श्रद्धांजली अर्पित की।
आयोजन बहुत ही भव्य रहा। इस में देश भर के लगभग 100 से अधिक साहित्यकारों ने श्रद्धांजलि अर्पित की और लगभग 80 से अधिक रचनाकारों की रचना श्रद्धांजलि स्वरुप प्राप्त हुई। कलम बोलती है साहित्य समूह की संस्थापिका उमा वैष्णव ने रचना भेज ने वाले सभी रचनाकारों को “स्व श्री छविकांत शर्मा जी स्मृति – सम्मान” से सम्मानित करने की घोषणा की। इस आयोजन में आ. राजेश कुमार शर्मा “पुरोहित” जी ने अपना पूरा सहयोग दिया। इस आयोजन का संचलन साहित्य रेखा के सम्पादक आ. विनोद शर्मा “विश” जी ने किया।
आगामी रविवार, 23 मई को इस आयोजन में भाग लेने वाले सभी साहित्यकारों को “स्व श्री छविकांत शर्मा जी स्मृति – सम्मान”से सम्मानित किया जाएगा। उक्त सभी जानकारी उमा वैष्णव संस्थापिका कलम बोलती है साहित्य समूह,सूरत गुजरात ने दी।