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सराहनीय : लखनऊ मेट्रो की कोरोना से जंग अभी भी है ज़ारी

रेलवे और परिवहन विभाग भी लखनऊ मेट्रो से सीखें यत्रियों की सुरक्षा कैसे करें

अवनीश मिश्रा :

जहाँ एक तरह भारतीय रेलवे और परिवहन विभाग कोरोना संक्रमण से बचाव में लापरवाही बरत रहें है वहीं लखनऊ मेट्रो अपने यात्रियों की सुरक्षा के लिए मजबूती से कमर कस कर अभी भी कोरोना से बचाव के लिए आधुनिक तरीके से लड़ाई लड़ रहा है।

आपको बताते चलें की लखनऊ मेट्रो में जहाँ एक तरफ दिन प्रतिदिन यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है वही दूसरी ओर मेट्रो भी कोरोना से बचाव के लिए अपने परिसर व ट्रेन के अंदर पूरी सावधानी, साफ-सफाई के साथ नित-प्रतिदिन कमर कस कर कार्य कर रही है। मेट्रो के प्रबंध निदेशक श्री कुमार केशव, कोरोना के शुरुआती दौर से ही मेट्रो परिसर में यात्रियों के संपर्क में आने वाले स्थानों जैसे टिकट काउंटर्स, एएफ़सी गेट, टीवीएम मशीनों, प्रवेश-निकास द्वारों की सफ़ाई का विशेष जायज़ा लेते रहे है और सभी को सफाई बनाए रखने के सख्त निर्देश भी दिए है।

जानें कौन सी नई तकनीक से सुरक्षा की जा रही है?

मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वारों से लेकर टिकट काउंटर,एस्क्लेटर्स,लिफ्ट्स इत्यादि को डिसइंफेक्टेंट द्वारा हर दो घंटे के अंतराल में साफ़ करवाया जाता है। वहीँ, मेट्रो रेल को ट्रांसपोर्ट नगर डिपो में अल्ट्रावायलेट (पराबैंगनी) किरणों से भी साफ करने के पश्चात ही मेन लाइन पर संचालन के लिए लाया जाता है।

लखनऊ मेट्रो में आ रहे सभी यात्रियों को स्टेशन के अंदर प्रवेश करते ही उनके मुख पर मास्क को पहने रहना और शरीर का तापमान की जांच कर, सामान्य पाए जाने पर मेट्रो परिसर में जाने की अनुमति दी जाती है जिसके कारन लखनऊ मेट्रो के यात्रियों में भी एक संतोष का भाव हर समय बना हुआ है। इसके साथ ही मेट्रो के अधिकारी भी स्टेशनों का दौरा कर व्यवस्था पर अपनी नजर बनाए रखे है।

उत्तर प्रदेश मेट्रो के प्रबंध निदेशक ‘श्री कुमार केशव’ ने मेट्रो से यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को आश्वासन दिया है की लखनऊ मेट्रो, प्रदेश की राजधानी में चल रहे सभी परिवहनों में सबसे सुरक्षित यात्रा का साधन है।उन्होंने सभी यात्रियों से अपील की है कि यात्रा करते कोरोना वायरस (कोविड-19) से बचाव के लिए अपने आस-पास स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

कुमार केशव ने यह भी बताया कि लखनऊ मेट्रो ही नहीं उत्तर प्रदेश मेट्रो से जुड़े सभी प्रोजेक्ट जैसे की कानपुर मेट्रो, आगरा मेट्रो में भी नित-प्रतिदिन साफ़ सफाई की पूरी व्यवस्था रखी गयी है। मेट्रो परिसर में कार्य कर रहे सभी कर्मचारियों के साथ-साथ यात्रियों को भी दो गज की दूरी के साथ मास्क पहनना अनिवार्य है।

मेट्रो किस तरह से कर रहा कोरोना की चुनौती का सामना ?

भारत में कोरोना की चुनौती के साथ-साथ नए-नए आविष्कार भी सामने आ रहे है जिसको अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर मंजूरी भी मिल चुकी है। इन्हीं अविष्कारों में से एक है अल्ट्रा वॉयलेट किरणों से मेट्रो ट्रेन के कोच का सैनेटाइज करने वाला यन्त्र। एक यन्त्र जोकि अल्ट्रा वॉयलेट (पराबैंगनी) किरणों से एक ट्रेन को मात्र 30 मिनट में सैनेटाइज करता है। मेट्रो का प्रयोग कर रहे यात्रियों की ज्यादा सुरक्षित यात्रा के लिए उत्तर प्रदेश मेट्रो में प्रबंध निदेशक ने इस तकनीक को लखनऊ मेट्रो में लागू किया।

जनवरी 2021 में इसके प्रयोग के बाद लखनऊ मेट्रो, कोच को सैनेटाइज करने वाली भारत की पहली मेट्रो सेवा बन गई है। यात्रियों को मेट्रो से सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित कराने की दिशा में इसे एक अभूतपूर्व और सराहनीय कदम माना जा रहा है।

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