कोथावाँ प्रा०वि० का हाल, बच्चों को दूध और फल नहीं दे रहे जिम्मेदार

सूचना : ‘संलाप’ (कथोपकथन)-गठनविषयक/गठन-विषयक

हम एक ऐसे समूह का गठन करनेवाले हैं, जिसका उद्देश्य हमारे विद्यार्थियों, अध्यापक-अध्यापिकाओं तथा अन्य प्रबुद्धवृन्द की ताथ्यिक-तार्किक सामर्थ्य में अभिवृद्धि करना है। इसमें पूर्वग्रहितरहित विचारों को ही स्वीकार किया जायेगा। हमारे समूह का नाम ‘संलाप’ होगा। अन्तर्राष्ट्रीय (राष्ट्र के भीतर), अन्तरराष्ट्रीय (दो अथवा दो से अधिक राष्ट्रों के भीतर) तथा विश्व (समस्त देशों और विश्व के किसी भी देश से सम्बन्धित) से सम्बन्धित विषयों पर इस समूह की सदस्य-सदस्याएँ तर्कपूर्ण वैचारिक अभिव्यक्ति कर, अपनी तार्किक क्षमता को उन्नत बना सकेंगी। इससे किसी भी सेवा के लिए की जा रही मौखिक परीक्षा में हमारे विद्यार्थिवृन्द लाभान्वित हो सकते हैं। यह समूह पूर्णत: शैक्षणिक होगा। आपमें से जिस किसी की भी इस समूह में सम्मिलित होने की इच्छा हो, वह यहाँ अपनी स्वीकृति कर दे। (यहाँ ‘दे दे’ का प्रयोग अशुद्ध है।)

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय