इस वर्ष भी सर्वाधिक कार्यक्रम करानेवाली संस्था ‘सर्जनपीठ’, प्रयागराज’ रही

इस वर्ष सर्वाधिक बौद्धिक, शैक्षिक, साहित्यिक तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम करानेवाली संस्था अलोपीबाग़, प्रयागराज की ‘सर्जनपीठ’, रही, जिसके तत्त्वावधान मे वर्ष २०२३ मे अब तक कुल मिलाकर ७७ अन्तरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय तथा जनपदस्तरीय समारोह आयोजन किये गये थे।

‘सर्जनपीठ’ के निदेशक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय के अनुसार, जनवरी, २०२३ से अब तक उनकी संस्था की ओर से कुल ७७ कार्यक्रम कराये जा चुके हैं, जबकि वर्ष २०२२ मे कुल ६२ कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। वर्ष २०२३ मे ‘सर्जनपीठ’ की ओर कई अन्तरराष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किये गये थे, जिनमे ‘विश्व हिन्दी-भाषा का वर्तमान’, ‘आप्रवासियों की हिन्दी मे गति-प्रगति’, ‘हिन्दी की वैश्विक स्थिति’, ‘हिन्दी के मानकीकरण की समस्या और निराकरण’ आदिक प्रमुख रहे। राष्ट्रीय स्तर पर ‘हिन्दी की दशा-दिशा’ ‘आज़ादी की क़ीमत हमने पहचानी नहीं’, ‘राजभाषा के नाम पर ‘हिन्दी’ का अपमान’, ‘विषाक्त होती परीक्षाओं और नियुक्तियों की कार्यपद्धतियाँ’, ‘हम अपने भीतर का रावण क्यों नहीं जलाते?’, ‘संवैधानिक संस्थानो और संविधान का दुरुपयोग’, ‘फ़िराक़ गोरखपुरी और उनका जीवन-दर्शन’, ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’, तथा अन्य विषयों पर बौद्धिक कार्यक्रम आयोजित किये गये थे। इनके अतिरिक्त कई कवि-सम्मेलन, मुशाइरा, काव्यपाठ, विचार-संगोष्ठी आदिक विविध अनेक विषयों पर कार्यक्रम कराये जा चुके हैं।

‘सर्जनपीठ’ के निदेशक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने बताया– हमारे आयोजन-विवरण को ‘आज’, ‘इण्डियन वाइस 24’, ‘जनसंदेश टाइम्स’, ‘दैनिक जागरण’, ‘निकष एक्सप्रेस’, ‘न्यायाधीश’, ‘भारत संवाद’, ‘राजपथ’ तथा ‘वर्तमान समाजवाद टाइम्स’ समाचारपत्र-परिवार समय-समय पर अपने समाचारपत्र के माध्यम से प्रमुखतापूर्वक सार्वजनिक करते रहे हैं। हम इन समस्त समाचारपत्र-परिवार’ की सकारात्मक और स्वस्थ पत्रकारीय भूमिका के प्रति अपना साधुवाद प्रकट करते हुए, बौद्धिक समृद्धि की कामना करते हैं।