शालेय बाल अभिव्यक्ति पत्रिका – स्वच्छता ही सेवा 

समीक्षक – संजय वर्मा ‘दॄष्टि ‘ मनावर जिला धार 

पत्रिका -शालेय पत्रिका बाल अभिव्यक्ति – स्वच्छता ही सेवा 

प्रकाशक – बाल केबिनेट शासकीय नवीन प्रा. वि. (शाला सिद्धि ) नयापुरा माकनी ,जन शिक्षा केंद्र नागदा जिला धार म प्र 
प्रेरणास्त्रोत -गोपाल कौशल (सहायक अध्यापक ,नेशनल मोटिवटर नवोदय क्रांति भारत 
 पता – शासकीय नवीन प्रा. वि. (शाला सिद्धि ) नयापुरा माकनी ,जन शिक्षा केंद्र नागदा जिला धार म प्र 

‘स्वच्छता ही सेवा ‘ विशेषांक  गोपाल कौशल की कविताओं एवं बच्चों द्धारा रेखांकन व् कविताओं से भरा सुन्दर गुलदस्ता है | जिसमे स्वच्छता के मायने क्या होते है को बेहतर तरीके से बताया है ताकि अन्य भी इस पत्रिका से प्रेरणा लेकर स्वच्छता ही सेवा के भाव में सम्मिलित हो के स्वस्थ्य जीवन और साफ, सुंदर नगर बनने में अपनी सक्रिय भूमि अदा करने में आगे आ सकें | शासकीय नवीन प्रावि (शाला सिद्धि ) नयापुरा माकनी इस तरह की शालेय पत्रिका बाल अभिव्यक्ति को प्रकाशित कर बच्चों को स्वच्छता की दिशा तो देते ही है साथ ही उनका बेहतर मार्गदर्शन देकर उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय रखते है |

गोपाल कौशल की कविता में से एक मुखड़ा तनिक  देखिए –
“स्वच्छ भारत बनाना है
राष्ट्रपिता बापू ने दिया |
मंत्र स्वच्छता ही सेवा ,
हमको अब अपनाना है| |”
 एक संकल्प -हम ऐसा करेंगे  में स्वच्छता के संबंध में विभिन्न उपयोगी बिंदुवार समझाइस दी गई जो की हितकारी है | इसके अलावा स्वच्छता की शपथ के अंतर्गत  दायित्व के लिए प्रतिबद्ध और सब मिलकर घर -आँगन -गाँव को  स्वच्छ बनाने पर भी जोर दिया गया है |नदियों की स्वच्छता के अलावा पर्यावरण, व् वन्यजीव  संरक्षण ,स्कूल चले हम अभियान पर भी विभिन्न काव्य रचनाओं एवं शालेय बच्चों के द्धारा सुन्दर चित्रों के द्धारा स्वच्छता के प्रति जागरूकता का मूल मंत्र दिया है जो प्रेरणादायी है | गोपाल कौशल ने बड़ी अच्छी बात कही – स्वच्छता को हम सेवा ,स्वभाव के रूप में अपनाए तभी हम गांधीजी के स्वच्छ भारत-सुंदर भारत ,स्वच्छ तन -स्वच्छ मन  की कल्पना को सार्थक कर सकते है |
‘सफल बनाए स्कूल चले अभियान
शिक्षा पर हो जनमानस  ध्यान |
हिमालय-सी ऊँचाई पाए हर बच्चा
बढ़ाए अपने  देश जग में मान “
बहुत सुंदर पक्तियों से ध्यान आकर्षित करवाकर स्कूल  चले अभियान को सार्थक किया है | रेखांकन के जरिए “साबुन से हाथ धोने का तरीका भी बताया है | जिससे सही तरीके हाथों को धोना बताया जो की सही भी है |
चंद पक्तियों में अपनी प्रेरणादायी बात कही है | कौशल की यही खासियत और उनके द्धारा हर रोज लिखी जाने वाली कविता के लिए वे क्षेत्र में आकर्षकता का केंद्र बने हुए है और अपनी स्कूल जिसमे वे प्राध्यापक का सफल दायित्व का निर्वहन कर ऊर्जावान की भूमिका निभा रहे है|  उन्हें इस कार्य की हार्दिक बधाई और स्वच्छता ही सेवा के लिए शुभकामनाए  | शालेय पत्रिका बच्चों और बड़ों को अवश्य स्वच्छता बनाए रखने की प्रेरणा प्रदान करेगी |
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