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स्‍टार्ट-अप इंडिया मिशन को गुजरात सरकार से मिल रही है बेह‍तरीन प्रतिक्रिया

गुजरात सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्‍टार्ट-अप इंडिया के सपने को पूरा करने और नए उद्यमियों की समृद्धि के लिए राज्‍य में नए उद्यमों की सहायता के लिए एक नीति तैयार की है। राज्‍य में फिलहाल कम से कम 31 इन्‍क्‍यूबेटर इंस्‍टीट्यूशन हैं और 101 स्‍टार्ट-अप परियोजनाओं को मदद दी जा रही है। सरकार ने कई उद्यमियों की मदद की है, इनमें से एक अहमदाबाद के 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र हनी भागचंदानी भी हैं।

स्‍टार्ट-अप इंडिया मिशन को राज्‍य से बेह‍तरीन प्रतिक्रिया मिल रही है। हनी के मन में इंजीरिंग की मदद से दृष्टिहीन लोगों का जीवन आसान करने का ख्‍याल आया। दो साल की लगातार मेहनत के बाद हनी ने अपनी स्‍टार्ट-अप शुरू की और दृष्टिहीन लोग वाईब्रेशन की मदद से सरलता से घूम सके ऐसी एक छोटी से टोर्च बनाई। और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी जी की प्रशंसा भी प्राप्‍त की। बाजार में उपलब्‍ध उपकरणों से कई तरह से अलग इस टोर्च के बारे में बात करते हुए हनी ने कहा— ये हमने 200 से ज्‍यादा ब्‍लाइंड पर्सन पे चेक कर चुके हैं सबका पोजिटिव रिसपोंस है। आज की तारिख में ब्‍लाइंड लोग इसको यूज करते हैं जोभी डिवासिज है मार्केट में वो एकोरेट नहीं है। हमारी डिवाइस बहुत ही इक्‍नोमिक्‍ल है जो कोई भी ब्‍लाइंड पर्सन खरीद सकता है। इसमें हमको गवर्मेंट से 10 लाख मिले हैं प्रोटोटाइप से बनाने के लिए 10 लाख मिले हैं मार्केटिंग के लिए। स्‍टार्ट-अप इंडिया स्‍कील ने हमको बहुत हेल्‍प किया है। दृष्टिहीन लोगों के जीवन में रोशनी लाने का हनी का ये सपना सरकार की मदद से  सच हो पाया। (साभार – आकाशवाणी)