दौड़ गया जो कठिन डगर पर, यहाँ विजेता बना वही

December 27, 2023 0

राघवेन्द्र कुमार त्रिपाठी ‘राघव’– चलने वाले ही गिरते हैं, डरने वाला चला नहीं।हार गया जो देख मुसीबत, यहाँ अपाहिज बना वही। मेहनत का फल मीठा होता, राह किन्तु थोड़ी है मुश्किल।दौड़ गया जो कठिन डगर […]