इसे कहते हैं, ‘बलिदान और बलिदानी’

February 27, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय “दुश्मन की गोलियों का हम सामना करेंगेआज़ाद ही रहेंगे, आज़ाद ही मरेंगे।” इसे अक्षरश: सच कर दिखाया था, रण-बाँकुरे चन्द्रशेखर आज़ाद ने। वही चन्द्रशेखर आज़ाद, जिनके गुप्त प्रवास की सूचना […]