चला परिंदा घर की ओर

May 9, 2024 0

चला परिंदा घर की ओर,हरा भरा है मेरे घर का आंँगन,सुदूर भ्रमण कर आया ,नहीं दिखा मातृछाया जैसा कोई,जहांँ खुशियों का अंबार है,रिश्तो का लिहाज़ है ,संस्कार दिया है हम सबको,भूल कोई ना हमसे हो,कोई […]