एक ‘भाषाविज्ञानी’ का ‘देश के समस्त संस्कृत-हिन्दीभाषा के पण्डितों’ से भाषाविद् डॉ. पृथ्वीनाथ पाण्डेय का एक तार्किक प्रश्न :–

August 1, 2019 0

● एक ‘भाषाविज्ञानी’ का ‘देश के समस्त संस्कृत-हिन्दीभाषा के पण्डितों’ से एक तार्किक प्रश्न :– ‘अयोगवाह’ (ं और ः) को जब न ‘स्वरों’ ने स्वीकार किया है और न ही ‘व्यंजनों’ ने, अर्थात उन दोनों […]