“फूँक देते छिद्रों मे गान”– कविवर पन्त

May 20, 2024 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कल्पना के साथ सुमधुर कोमलता भी पन्त के काव्य मे आरम्भ से ही संलक्षित होती है। वे प्रकृति का मातृरूप मे दर्शन करते हैँ और स्वयं एक बालिका के रूप […]