बिनब्याही अपूर्णता

November 28, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• सुनो न!तुम्हारी पूर्णताभाती नहीं मुझे;क्योंकि तुम मुझसेद्रुत गति मे चलायमान हो।हाँ, मै अपूर्ण हूँ।तुम मुग्ध हो, अपनी पूर्णता परऔर मुझे गर्व है, अपनी अपूर्णता पर;क्योंकि आज मुझेएहसास हो रहा है […]

बिनब्याही अपूर्णता

November 29, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय तुम्हारी पूर्णतारास नहीं आती मुझे;क्योंकि तुम द्रुतगामी प्रकृति से युक्त हो।हाँ, मै अपूर्ण हूँ।तुम मुग्ध हो, अपनी पूर्णता परऔर मुझे गर्व है, अपनी अपूर्णता पर;क्योंकि आज मुझेएहसास हो रहा है :–रिक्तता […]