पग बढ़ेंगे, प्राच्य आर्य-संस्कृतिकेन्द्र, ऐतिहासिक एवं क्रान्तिकारी जनपद ‘देवरिया’ की ओर….

October 1, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पहली बार रामायणकालीन, प्राच्य ‘आर्य-संस्कृति’ के मुख्य केन्द्र उत्तरप्रदेश के ऐतिहासिक और क्रान्तिकारिक जनपद, ‘देवारण्य’ के नाम से व्युत्पन्न ‘देवरिया’ मे जाना, सुखद रहेगा। अतीत के भौगोलिक और ऐतिहासिक पृष्ठों […]

नामचीन लोग की हक़ीक़त यहाँ है, पहचानिए!

August 5, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय “नाम बड़े, पर दर्शन थोड़े” तब चरितार्थ होता है जब वस्तुस्थिति का प्रत्यक्षीकरण होता है। हम अपने ‘मुक्त मीडिया’ (सोसल/सोशल मीडिया) के माध्यम से उन लोग का भाषा, साहित्य, व्याकरण, […]

गृहमन्त्री अमित शाह के नाम आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय का मुक्त पत्र

May 13, 2023 0

अमित शाह!‘राष्ट्रगीत’ की रचना बंकिमचन्द्र चट्टोपाध्याय ने की थी। गुरुदेव रबिन्द्रनाथ टैगोर ने ‘राष्ट्रगान’ की रचना की थी और वह भी केवल अपने देश के लिए, ‘दो देशों’ के लिए नहीं। उन्होंने बांगलाभाषा मे अपनी […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 20, 2022 0

■ अरबी-फ़ारसी शब्दों का शुद्ध प्रयोग करना सीखेंआज हम लीक से हटकर उस मार्ग पर चलेंगे, जिस पर चलने का साहस हमारे ‘विद्वज्जन’ नहीं कर पाते हैं; और वह मार्ग है, ‘विलक्षण ज्ञानमार्ग’। हम जब […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

April 13, 2022 0

आइए! सत्य-संधान करें। प्राय: सत्य स्वयं मे नितान्त कटु होता है। इसका आयाम बृहद् है— कहीं मृदु अनुभव होता है तो कहीं कठोर। यहीं पर सत्य की प्रियता-अप्रियता की यापित काल-खण्डों मे गहन अनुभूति होती […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 17, 2021 0

विचारणीय शब्द :– ● पूर्वाग्रह● पूर्वग्रह● प्रणाम ● पूर्वाग्रह– यह दीर्घ स्वर सन्धि का उदाहरण है और षष्ठी तत्पुरुष समास का भी। पूर्वाग्रह में प्रामाणिक-अप्रामाणिक और अविवादित-विवादित विषय आते हैं। ऐसे में, कौन कब अप्रामाणिक-विवादास्पद […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 3, 2021 0

टी० ह्वी० पर विद्यार्थियों को शिक्षित करने के उद्देश्य से ‘किशोर-मंच’ नामक एक ‘चैनल’ संचालित किया जाता है। आज (३ जुलाई) ‘किशोर-मंच’ चैनल पर रात्रि ११ बजे एक शिक्षक कक्षा नौ की पुस्तक स्पर्श, पाठ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 15, 2021 0

यहाँ उन शब्दों के प्रयोग के लिए अनुरोध किया गया है, जो शुद्ध हैं और उपयुक्त भी। कृपया अपने लेखन में उन शुद्ध शब्दों को स्थान देकर, समाज का भाषिक मार्गदर्शन करें। ★ ‘प्रावधान’ के […]