कैसे रामभक्त हैं, कुर्सी से सटने लगे!

July 4, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बातों-ही-बातों में, ‘आदर्श’ अब बँटने लगे, जनाब को देखो, मुद्दों से, कैसे हैं हटने लगे! राम तो राजसिंहासन, त्याग कर आगे बढ़े, कैसे रामभक्त हैं, जो कुर्सी से सटने लगे! आश्वासन देते […]