मतदान आपकी जिम्मेदारी, ना मज़बूरी है। मतदान ज़रूरी है।

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला ‘रायबरेली से लातूर तक’

September 20, 2022 0

भाषाविज्ञानी एवं समीक्षक, प्रयागराज के आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की शैक्षिक कर्मशाला का आरम्भ हो चुका है। विद्यार्थियों, अध्यापकों तथा मीडियाकर्मियों को कई दशक से शुद्ध हिन्दी बोलने और लिखने के प्रति आग्रहशील आचार्य पाण्डेय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की कर्मशाला रायबरेली (उत्तरप्रदेश) से लातूर (महाराष्ट्र) की ओर

September 20, 2022 0

२५ सितम्बर से २८ सितम्बर तक की अवधि एक शैक्षिक, किन्तु कलात्मक संस्मरण की रचना कराने के प्रति आग्रहशील है। प्रयागराज से इन्दौर और इन्दौर से हैदराबाद, तदनन्तर (‘तद्न्तर’, ‘तद्नन्तर’, ‘तदन्तर’ अशुद्ध हैं।) गन्तव्य लातूर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

July 29, 2022 0

यह पूरी पारदर्शी प्रतिक्रिया नीचे दिखाये गये प्रचारपत्र मे प्रयुक्त शब्दों और विराम-विरामेतर (‘विरामेत्तर’ अशुद्ध है।) चिह्नो के संदर्भ मे की गयी है। यह पढ़े-लिखे लोग का ‘विश्व हिन्दी संगठन’ है; परन्तु भाषाबोध के नाम […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

July 17, 2022 0

शब्द :– भारी बहुमत से; प्रचण्ड बहुमत से; बहुत भारी बहुमत से; भयंकर बहुमत से। ये सभी शब्द अब सार्वजनिक सम्पत्ति हो चुके हैं; ज़ाहिर है, इन्हें पंचायती माल बना दिया गया है; यों (‘यूँ’ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 17, 2022 0

शब्द :— आरोपी-आरोपित आरोपी (वादी)– जो व्यक्ति किसी पर आरोप मढ़ता हो; जैसे– उसने मेरे घर चोरी की थी। आरोपित (प्रतिवादी)– जिस व्यक्ति पर आरोप मढ़ा जाये; जैसे– यही वह चोर है, जिसने चोरी की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 16, 2022 0

■ निम्नलिखित वाक्य को शुद्ध करें–(यह वाक्य निर्देशात्मक है, इसलिए यहाँ ‘निर्देशक- चिह्न’ (–) प्रयुक्त हुआ है।)वाक्य– कल रुई(रूई) की खेती होती है। सकारण उत्तर•••••••••••••••यह प्रश्न देखने में सहज लग रहा है, जबकि है नहीं। […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 2, 2022 0

कल (३ अप्रैल) रविवार रहेगा। देश-देशान्तर मे बड़ी संख्या मे विद्यार्थी और प्रबुद्धवृन्द को ‘दैनिक जागरण-परिवार’ के सौजन्य से विगत छ: वर्षों से प्रस्तुत किये जा रहे इस भाषिक अभियान की चिर-प्रतीक्षा रहती है और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 22, 2022 0

यह एक समाचार-चैनलद्वारा/चैनल-द्वारा प्रस्तुत किया गया समाचार है। (‘चैनल द्वारा’ अशुद्ध शब्द-प्रयोग है; क्योंकि दोनो शब्द पृथक्-पृथक् दिख रहे हैं, जबकि ‘चैनलद्वारा’/’चैनल-द्वारा’/’चैनल ‘के’ द्वारा’ सम्बन्धबोधक कारक है और षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण भी।) इस […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 19, 2022 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कोश– शब्दकोश; कोशिका (प्राकृतिक)।कोष– धन, द्रव्य, रुपये-पैसे, आभूषण इत्यादिक (कृत्रिम)।आगार– भाण्डार; निधि; स्थान; घर।कोशागार– शब्दनिधि, शब्दभाण्डार।कोषागार– धन-दौलत, ख़ज़ानाघर; जिस स्थान पर/जिस जगह रुपये-पैसे-आभूषण को संचित कर रखा गया हो। (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 19, 2022 0

कल (२० मार्च) रविवार/रविवासर रहेगा। आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ के सौजन्य से विगत छ: वर्षों से प्रस्तुत की जा रही साप्ताहिक ‘भाषा की पाठशाला’ में अध्ययन करते आ रहे हैं। आप कल पाँच शब्दों के शुद्ध […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 11, 2022 0

इनमे से कौन-से शब्द शुद्ध हैं?(क) आनुशासनिक (ख) अनुशासनिक (ग) अनुषांगिक (घ) आनुषंगिक (ङ) अन्तर्रात्मा (च) अन्तरात्मा (छ) चामत्कारिक (ज) चमत्कारिक (झ) समाचारिक (ञ) सामाचारिक (ट) प्रामाणिक (ठ) प्रमाणिक (ड) सख्योचित (ढ) सख्युचित (ण) आनुषांगिक […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 6, 2022 0

अधोलिखित मे से कौन-से शब्द शुद्ध नहीं हैं और क्यों? (क) शतप्रतिशत (ख) सौ प्रतिशत (ग) दिनप्रतिदिन (घ) प्रतिदिन (च) स्त्रियोचित (छ) स्त्र्युचित (ज) आभ्यन्तर (झ) अभ्यन्तर उत्तर ग्रहण करें—(क) शतप्रतिशत (पुनरुक्ति-दोष– शत) (ग) दिनप्रतिदिन […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 23, 2022 0

किसी विषय के प्रश्नपत्र/प्रश्न-पत्र (‘प्रश्न पत्र’ अशुद्ध है।) मे यदि यह प्रश्न हो तो आपका उत्तर कौन-सा (यहाँ ‘क्या’ अशुद्ध है।) होगा? प्रश्न– इनमे से ‘हवा’ के लिए उपयुक्त शब्द है :– (यहाँ ‘है-‘ और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 22, 2022 0

किसी विषय के प्रश्नपत्र/प्रश्न-पत्र (‘प्रश्न पत्र’ अशुद्ध है।) मे यदि यह प्रश्न हो तो आपका उत्तर कौन-सा (यहाँ ‘क्या’ अशुद्ध है।) होगा? प्रश्न– इनमे से ‘हवा’ के लिए उपयुक्त शब्द है :– (यहाँ ‘है-‘ और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 18, 2022 0

आप प्रत्येक वर्ण के पञ्चमाक्षर/पंचमाक्षर का प्रयोग सम्बन्धित प्रत्येक शब्द में ‘लेखनी’ के माध्यम से तो कर सकते हैं; किन्तु ‘टंकण-माध्यम’ से वैसा सम्भव नहीं हो पा रहा है। ऐसा इसलिए कि सम्बन्धित ‘सॉफ़्टवेअर’ की […]

 भाषाई संकरता

February 14, 2022 0

राघवेन्द्र कुमार “राघव”-   निज भाषा उन्नति अहै सब उन्नति को मूल। निज भाषा के ज्ञान बिन मिटै न हिय को शूल ।। सारे विश्व में भाषा को देशों की पहचान माना जाता है । […]

कब तक अशुद्ध नाम ‘भारद्वाज आश्रम’ पढ़ते रहोगे?– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

January 30, 2022 0

प्रयागराज मे ‘आनन्द भवन’ के समीप ‘विश्वगुरु’ ‘भरद्वाज मुनि’ का आश्रम स्थित है। वही भरद्वाज-आश्रम, जहाँ प्रवास करते हुए, दस हज़ार विद्यार्थी प्रतिदिन अध्ययन किया करते थे। भरद्वाज मुनि को ही विश्व का प्रथम कुलाधिपति […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 20, 2022 0

● अधोलिखित वाक्यों को शुद्ध हिन्दी-भाषा मे बदलें :–(१) शिकायत के लह्जे मे उसने मुझसे कहा था।(२) उसकी चुनौती क़ाबिले रह्म नहीं है।(३) उसकी ईमानदारी ग़ौरतलब है।(४) उसकी आशंकाएँ बेवज्ह नहीं हैं।(५) उसकी तैयारियाँ मुकम्मल […]

‘सर्जनपीठ’ का ‘विश्व हिन्दी-भाषातिथि-महोत्सव’ सम्पन्न

January 10, 2022 0

हिन्दी का विकास शुद्धतापूर्वक हो, समय की माँग १० जनवरी को ‘विश्व हिन्दीभाषा-दिवस’ के उपलक्ष्य मे ‘सर्जनपीठ’ की ओर से सारस्वत सभागार, लूकरगंज, प्रयागराज मे १० जनवरी को अपराह्न १ बजे से ५ बजे तक […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 8, 2022 0

कल (९ जनवरी) रविवार रहेगा और आप कल के ‘दैनिक जागरण’, ‘नव दुनिया’ तथा ‘नई दुनिया’ के रविवासरीय ‘झंकार’ परिशिष्ट मे ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ मे यह अध्ययन करेंगे कि ‘देवियों […]

1 2 3 5