पत्रकारिता और लेखन मेरे ‘होने को’ प्रमाणित करते हैं

May 3, 2024 0

● आज (३ मई) ‘विश्वप्रेस-स्वतन्त्रता-दिवस’ (‘वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम डे’ है, न कि ‘अन्तरराष्ट्रीय (यहाँ ‘अन्तर्राष्ट्रीय’ अशुद्ध अनुपयुक्त है।), ‘स्वतन्त्रता-दिवस’/ ‘अन्तरराष्ट्रीय प्रेस-स्वतन्त्रता-दिवस’ वा विश्व पत्रकारिता- दिवस’।••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• ◆ ‘युनेस्को एवं संयुक्त राष्ट्रसंघ के ‘जनसूचना-विभाग’ की ओर से […]

जिजीविषा से भरपूर रही, रमेश सिंह मटियानी से ‘शैलेश मटियानी’ तक की यात्रा

April 25, 2024 0

कल (२४ अप्रैल) जिनकी पुण्यतिथि थी। मुख्य अतिथि के रूप मे हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के नवनिर्वाचित प्रधानमन्त्री कुन्तक मिश्र ने बताया– अल्मोड़ा जनपद के बाड़ेछिना गाँव मे १४ अक्तूबर, १९३१ को जन्म लेनेवाले शैलेश […]

समीक्षा अधिकारी परीक्षा के नाम पर किया गया अक्षम्य अपराध!

February 13, 2024 0

(प्रस्तुत है, भाषाविज्ञानी आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की सकारण आपत्ति) पिछले रविवार को उत्तरप्रदेश लोक सेवा आयोग की ओर से ‘समीक्षा अधिकारी परीक्षा’ करायी गयी थी, जिसमे लाखों की संख्या मे विद्यार्थियों ने परीक्षा दी […]

डॉ० राजकुमार शर्मा मे मिट्टी से ‘माधव’ बनाने की क्षमता थी

January 29, 2024 0

अखिल भारतीय हिन्दीसेवी संस्थान के प्रमुख एवं साहित्यकार, दारागंज, प्रयागराजवासी डॉ० राजकुमार शर्मा की गंगातट, प्रयागराज-स्थित श्मशान घाट पर २९ जनवरी को अन्त्येष्टि-क्रिया की गयी। मुखाग्नि उनके पुत्र मधुकर मिश्र ने दी थी। इसी अवसर […]

‘पनौती’ शब्द का यथार्थ

November 29, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (सर्वाधिकार सुरक्षित― आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २८ नवम्बर, २०२३ ईसवी।)

जनता निचुड़ी जा रही, सुधि लेगा अब कौन?

November 27, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• एक–राजनीति को क्या कहें, शब्द सभी हैं मौन।जनता निचुड़ी जा रही, सुधि लेगा अब कौन?दो–मुख पर चुगली नाचती, लिये पनौती माथ।वाम विधाता दिख रहा, छोड़ेंगे सब साथ।।तीन–अस्ली-नक़्ली सब यहाँ, भेद […]

अपनी बेटियों को ‘श्रीमती’ नहीं, ‘शक्तिमती’ बनायें!

October 30, 2023 0

—आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● नपुंसक और पुरुषार्थविहीन हैं वे, जो बेटी बचाने की बात तो करते हैं; परन्तु उन्हीं के लोग जब बेटियों का शीलहरण करते हैं तब वे ‘शीलहरणकर्त्ताओं’ के संग खड़े होते […]

अपनी क्षमता का मूल्यांकन स्वयं करना सीखें

October 13, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आपमे से प्रायः किसी-न-किसी का इस आशय का परिवाद/उपालम्भ बना रहता है :– ऐसे बहुत कम मित्र हैं, जो मेरी (यहाँ ‘मेरे’ अशुद्ध है।) विचाराभिव्यक्ति पर वांछित टिप्पणी नहीं करते […]

आज का आलोचक ‘निन्दा’ के लिए लिखता है– महादेवी वर्मा

September 11, 2023 0

● महीयसी महादेवी वर्मा की पुण्यतिथि (११ सितम्बर) पर विशेष ■”आज का आलोचक ‘निन्दा’ के लिए लिखता है”– महादेवी वर्मा (महादेवी जी के साथ डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय-द्वारा की गयी एक भेंटवार्त्ता) मैने महादेवी जी के […]

नरेन्द्र मोदी और उनके समर्थकों को धिक्कारने के लिए कोई शब्द नहीं!

June 3, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारतीय जनता पार्टी का झण्डा लिये, भगवाधारी नरेन्द्र मोदी के स्वागत मे पहुँचे थे, जबकि उस स्थल पर हज़ारों यात्री अपनी जान गवाँ चुके थे; बुरी तरह से घायल हो […]

MEA के साथ साझेदारी में, NCGG ने बांग्लादेश के सिविल सेवकों के 58वें बैच का प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा किया

May 8, 2023 0

विदेश मंत्रालय (MEA) के साथ साझेदारी में नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) ने बांग्लादेश के सिविल सेवकों के 58वें बैच के लिए अपना प्रमुख क्षमता निर्माण कार्यक्रम (CBP) पूरा किया, जिसमें 45 अधिकारियों ने […]

अथश्री रगड़ू-झगड़ू-संवाद शुरू― एक

February 19, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय रगड़ू― चाचा!झगड़ू― हाँ भतीजे रगड़ू।रगड़ू― चाचा! नौकरी तो मिलौ नाय। जब नौकरी नै मिलौ तव छोकरी कैसौ मिलौ।झगड़ू― एमा तोर मतलब का आय?रगड़ू― चाचा! अबै हम छत्तीस के होये जाय […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 11, 2023 0

‘लड़पोछन’ शब्द की सार्थकता? ‘लड़पोछन’ न तो कोई सार्थक शब्द है और न ही ‘अश्लीलता’ का बोध करानेवाला किसी भी प्रकार का शब्द है। ‘लड़पोछन’ मे दो शब्द दिख रहे हैं :― (१) लड़ (२) […]

लरपोछन महाराज के जय हो!

February 7, 2023 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय “का हो बहोरी चाचा! ए फजीरे-फजीरे केने चलि देहले? आ तनी हेने आव; पनपियाव कइ ल, ना त खरास मारि दीही।” “अरे का बताई मरदे, हो पकड़िया तरे एगो बाबा […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 15, 2023 0

◆ यहाँ प्रस्तुत है, एक वाक्य का सम्यक् और अनन्य विश्लेषण। ★ वाक्य है :― पुरुषार्थ से बढ़कर ‘कुछ’ भी नहीं।•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••• सब कुछ विस्मृत के गर्भ मे विलीन हो जाता है, जबकि पुरुषार्थ ‘अजर-अमर’-रूप/अजर-अमर के […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 6, 2023 0

◆ वे शब्द, जिनका विश्व-समाज अशुद्ध और अनुपयुक्त व्यवहार करता आ रहा है।■ शब्दप्रयोग― आभार; शुक्रिय:/शुक्रिया, धन्यवाद, साधुवाद तथा थैंक यू। आइए! ‘आभार’ शब्द को समझते हैं। ‘आभारी’ का समानार्थी शब्द ‘कृतज्ञता’ है। पढ़े-लिखे लोग […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 2, 2023 0

एक वाक्य के आधार पर व्याकरणीय सम्बोध/संज्ञान करें। वाक्य है :–★ हमारे जीवन मे एक ‘तिनके’ की उपयोगिता है और महत्ता भी। ◆ यह वाक्य ‘अनिश्चित वर्त्तमान/वर्तमानकाल/वर्त्तमान/वर्तमान-काल/ वर्तमान का काल/समय (‘वर्त्तमान/वर्तमान काल’ अशुद्ध है।) का […]

आचार्य पण्डित पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 29, 2022 0

■ यदि आपको इसमे से किसी भी प्रकार की अशुद्धि दिखे तो हमारा समुचित मार्गदर्शन करें, स्वागत है।◆ यहाँ वे शब्द हैं, जिनका विश्व-समाज जाने-अनजाने (‘अंजाने’ और ‘अन्जाने’ अशुद्ध हैं।) अशुद्ध और अनुपयुक्त व्यवहार करता […]

आकाशलोक से सम्मोहक मेघदर्शन/मेघ-दर्शन

December 3, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आकाशगामी वायुयान से आकाश-दर्शन मन-प्राण (‘प्राणों’ अशुद्ध है।) को आह्लादित कर देता है; मेघ का रूप-परिवर्त्तन होते रहने से मन-मस्तिष्क मे एक अद्भुत विचार-शृंखला कौंधने लगती है; विचार-प्रक्रिया ‘शून्य से […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का मार्गदर्शन

October 30, 2022 0

सामान्य अध्ययन’ की तैयारी करना सीखें सामान्य ज्ञान एक ‘साधारण-सा’ शब्द दिखता है; परन्तु वह ज्ञान का एक ऐसा विस्तार है, जो प्रतिपल की वैश्विक घटनाओं से बूँद-बूँद भरते हुए, एक ‘महासिन्धु’ के रूप में […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 29, 2022 0

प्राय: हमारे विद्यार्थी अपने वरिष्ठ सहयोगियों और अध्यापिका-अध्यापकों से प्रश्न करते हैं– Ph.D. का अर्थ है, ‘Doctor of Philosophy’ और जब इस लघ्वक्षर (लघु+अक्षर= लघ्वक्षर) (‘लघ्वाक्षर’ अशुद्ध है।) का पूर्णाक्षर-रूप मे उच्चारण करते हैं तब […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 27, 2022 0

अशुद्ध और अनुपयुक्तशब्द-प्रयोग–◆ शुभ कामना, शुभकामनाएं, शुभकामनाएँ, शुभ कामनाएँ, हार्दिक शुभकामना, हार्दिक शुभ कामना, हार्दिक शुभकामनाएं तथा हार्दिक शुभकामनाएँ।———————————-ऊपर अशुद्ध और अनुपयुक्त शब्दप्रयोग के अन्तर्गत जितने भी शब्द दिख रहे हैं, वे सभी-के-सभी [यहाँ दो […]

यदि दीपावली ‘मुसलमानो’ का त्योहार होता….

October 26, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यदि दीपावली मुसलमानो का त्योहार होता तो अब तक कई याचिकाएँ न्यायालयों मे दाख़िल हो जातीं। दोष मढ़ा जाता :– दीपावली से शोर-शराबा होता है; हमारे देवी-देवताओं के चित्र चिपकाकर […]

देश की कार्यसंस्कृति सात-आठ सालों मे बदलने का श्रेय ‘नरेन्द्र मोदी’ को

October 23, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अन्तत:, यह सच नरेन्द्र मोदी की ज़बान पर आ ही गया :–“देश की कार्यसंस्कृति सात-आठ साल मे बदली है।” नरेन्द्र मोदी के इस कथन मे कहीं कोई असत्य का पुट […]

तथाकथित शब्दप्रयोग ‘बेस्ट सेलर बुक’ के नाम पर कब तक छलावा होता रहेगा?

October 1, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इस पुस्तक को शुद्ध हिन्दी का बोध करानेवाली ‘सर्वोत्तम’ पुस्तक बताया जा रहा है। सम्भवत: आप सभी मे से कुछ ने इस पुस्तक के आवरणपृष्ठ पर दृष्टिपात किये होंगे; परन्तु […]

‘जैसा लिखा वैसा छपा’ का लोकार्पण २८ अगस्त को

August 26, 2022 0

‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’ के तत्त्वावधान मे आयोजित सारस्वत समारोह मे ‘सर्जनपीठ’ की ओर से प्रकाशित ‘विश्व की प्रथम असंशोधित साहित्यिक पुस्तक’ हिन्दी-कवितासंग्रह ‘जैसा लिखा वैसा छपा’ का लोकार्पण २८ अगस्त को मध्याह्न १२ बजे से ‘सारस्वत […]

आइए! ‘कविता और कवि’ का परीक्षण करें और समीक्षण भी

August 23, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सम्भवत: कोई पारंगत कवि हो, जो समग्र मे अपने गीतात्मक रचना और अन्य छन्दबद्ध सर्जन करते समय भाषा और छन्द के साथ न्याय कर पाता हो। वैसे सर्जक की पीठ […]

“देश मे इलाहाबाद सबसे पहले आज़ाद हुआ था”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

August 13, 2022 0

आज़ादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग और शैक्षिक प्रतिष्ठान ‘एक्सीड-समूह’ के संयुक्त तत्त्वावधान मे १३ अगस्त को सम्मेलन के सभागार मे ‘स्वतन्त्रता का मूल्य और हम’ विषयक एक बौद्धिक परिसंवाद […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 28, 2022 0

लिपि– किसी भाषा की लिखित आकृति ‘लिपि’ कहलाती है। जिस प्रकार भाषा की उत्पत्ति कब से हुई है, इसका कोई सर्वमान्य उत्तर अब तक प्राप्त नहीं हो सका है उसी प्रकार लिपि की व्युत्पत्ति का […]

इहे काहाला ‘ठेठ’ भोजपुरी बोलिया

June 26, 2022 0

बरखारानी के नावे आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय के एगो चिट्ठी आ ए हामार सोना के पुतरिया बरखारानी!जीयत रह आ जागतो रह! आ हेने के हाल-चाल ठीके बा। आपन सुनाव। ए घरी केने बाड़ू? आ जान […]

विचार करके तो देखिए– आप कितने ईमानदार हैं?

June 24, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इन दिनो जिन उथले और थोथले तर्कों के साथ बुलडोज़र-प्रयोग कराये जा रहे हैं और न्यायालय मे तर्क प्रस्तुत किये जा रहे हैं, वे सरकार की अबोध मानसिकता को रेखांकित […]

अभिव्यक्ति का कृष्णपक्ष

June 20, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रणयपंछी विकल उड़ने के लिए,ताकता हर क्षण गगन की ओर है।किन्तु ममता की करुण विरह-व्यथा,ज्ञानपथ को आज देती मोड़ है।धैर्य की सीमा सबल को तोड़कर,दर्द की लतिका हरी बढ़ने लगी,अर्चना […]

कल तक था जो जगद्गुरु?

June 20, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–कहते ख़ुद को जगद्गुरु, पतित बन गये लोग।कथनी-करनी छेद है, पापकर्म है भोग।।दो–सम्मोहित हैं सब यहाँ, नहीं किसी को होश।दिखते मनबढ़ एक-से, ख़ाली करते कोष।।तीन–क़लम बिकाऊ दिख रहे, बिकते हैं […]

मै और मेरा मौन

June 20, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय मै मौन हूँ।तेरा मौन और मेरे भीतर केउमड़ते-घुमड़ते मौन मेएक बहुत अधिक फ़र्क़ है :–तू चुप्पी को पीता रहता हैऔर मै,तुझे पीता रहता हूँ।दोनो के पीने मे फ़र्क़ है :–तू […]

सोचा था तुमने, बहल जाऊँगा?

June 16, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय सोचा था तुमने, पिघल जाऊँगा,सोचा था तुमने, बदल जाऊँगा।शर्तों पर तुमने, थमाया झुनझुना,सोचा था तुमने, बहल जाऊँगा?गिरायी जो बिजली, रही बेअसर,सोचा था तुमने, दहल जाऊँगा?फ़ौलादी सीने मे, राज़ हैं बहुत,सोचा […]

अब क्या कहूँ तुम्हें?

June 15, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय इक हूक-सी उठी है, अब क्या कहूँ तुम्हें?तन-बदन है ज़ख़्मी, अब क्या कहूँ तुम्हें?हर रात मुझसे रूठी, दिन भी उदास रहता,बहके क़दम भी रहते, अब क्या कहूँ तुम्हें?इक छिप-छिपायी बदली, […]

यह बाज़ार नहीं, महब्बत का पाक मन्दिर है

June 14, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय उनकी निगाहों के सुरूर१ अब बोलने लगे,वे कितने पानी में हैं, लोग अब तोलने लगे।वे आर्ज़ूमन्द२ हैं, मताए दिल३ ख़ुशगवार रहे,बेशक, डर है, ईमान कहीं अब डोलने लगे।चलो! एक बार […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का अभिमत

June 14, 2022 0

आप जिस भी क्षेत्र मे जायें, अपनी सत्यनिष्ठा और स्वस्थ प्रतियोगिता की भावना को कभी विस्मृति न करें। आप अपनी जिजीविषा (जीने की इच्छा) और जिगीषा (जीतने की इच्छा) को कभी शिथिल न पड़ने दें; […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 14, 2022 0

विषय– एक सामान्य प्रकार का पत्रलेखन ‘यू ट्यूब’ पर ऐसे-ऐसे जानकारशास्त्री अवतरित होते आ रहे हैं, जिनका बुद्धि-वैभव देख-समझकर विद्रूपतापूर्ण हँसी आती है। ऐसी-ऐसी पुरुष-महिलाएँ भाषाज्ञान कराने और अन्य विषयों पर ज्ञान बघारने के लिए […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 13, 2022 0

शब्द– एहसास-एहसान, दम्पती, नवरात्र, ब्रह्मा तथा मनोरंजन। ★ एहसास– प्राय: जनसामान्य इस शब्द को ‘अहसास’ बोलता-लिखता आ रहा है, जो कि पूरी तरह से ग़लत है। कुछ लोग तो एहसास का हिन्दीकरण ‘अहसास’ समझते और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

June 13, 2022 0

शब्द– परिवेश और परिवेष। ★ परिवेश– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है। शब्दभेद की दृष्टि से यह विकारी ‘संज्ञा-शब्द’ है। लिंगानुशासन इसे ‘पुंल्लिंग’ (‘पुंलिंग’, ‘पुल्लिंग’ अशुद्ध हैं।) के रूप मे स्वीकार (‘स्वीकारता’ अशुद्ध है।) करता है। […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

June 2, 2022 0

मनुष्य ठहरी हुईं और गतिमान् मान्यताओं के साथ न्याय नहीं कर पाता है; क्योंकि गतिशीलता के ‘कु’ और ‘सु’ पक्षों से वह प्रभावित तो होता है, जबकि ‘ठहराव’ के प्रति उदासीन बना रहता है। ध्यातव्य […]

देश के समाचार-चैनलों के अधिकारी ‘रतौंधी और दिनौधी’ के शिकार!

June 1, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्ष २०१४ मे देश को आज़ादी मिलते ही देश के समस्त समाचार-चैनलों के अधिकारियों को ‘रतौंधी और ‘दिनौधी’ ने जकड़ लिया है। उन्हें ‘ज्ञानवापी’ ‘मथुरा’ ‘ताजमहल’, ‘कुतुबमीनार’ आदिक के अलावा […]

प्रकृति मौन दिखती अभी, भरता पाप का घट

May 29, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–नफ़्रत की है आग लगी, घी डालें हर ओर।महँगाई डायन दिखे, कोई ओर न छोर।।दो–कैसा अनुरागी बना, जनता पूजे पाँव।हरियाली बीहड़ बनी, उजड़ रहा हर गाँव।।तीन–मक्कारी हर सू दिखे, दिखे […]

बरखा रानी के ‘कैशोर्य’ (किशोरावस्था) का दीदार हुआ

May 5, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (५ मई) प्रात: बाँसडीह, बलिया (उत्तरप्रदेश) मे प्रभंजन (आँधी-तूफ़ान) के साथ वर्षा के आरम्भिक किशोरावस्था का दर्शन-लाभ प्राप्त हुआ है। उसने किशोरवय मे रहते हुए भी ‘तरुणाई’ की ओर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

April 30, 2022 0

‘मनुष्यता’ की बात तो की जाती है; किन्तु अपने भीतर की शुष्क मानवीय संवेदना पर दृष्टिपात करने में प्राय: मनुष्य क्षम (‘सक्षम’ अशुद्ध है।) नहीं रहता है। यही कारण है कि उसके कथ्य, उपदेश आदिक […]

पागल कुत्ते का दमन ही श्रेयस्कर है

April 30, 2022 0

● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कुत्ता जब पागल हो जाता है तब वह बिना विचार किये सबको काटता रहता है। वैसी स्थिति उत्पन्न होते ही लोग मिलकर उसे मार डालते हैं; क्योंकि अन्तत:, वह एक […]

‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ का अमानवीय चेहरा!

April 29, 2022 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय कोई भी राजनैतिक दल यदि चुनाव लड़े तो अपनी योग्यता के बल पर, न कि ‘मुफ़्तख़ोरों’ के सहारे। आज ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 25, 2022 0

यहाँ उन शब्दों के प्रयोग पर सम्यक् विचार किया गया है, जो शुद्ध हैं और उपयुक्त भी। आप उच्चारण और लेखन-स्तर पर उन शुद्ध शब्दों को भक्तिभाव के साथ ग्रहण करते हुए, समाज का भाषिक […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

April 18, 2022 0

•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••आपमे यदि प्रतिभा है; योग्यता है तथा संसार को जीतने की इच्छा (जिगीषा) है तो आप कभी परमुखापेक्षी न बने। आपका परम धर्म है, ‘केवल कर्म करते रहना’। आपकी धारणा होनी चाहिए– अभिलषित वस्तु मिलेगी […]

‘यू ट्यूब’ पर शीघ्र ही ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला’ नामक सारस्वत आयोजन होगा शुरू

April 16, 2022 0

विशेष सूचना•••••••••••••••• ‘दैनिक जागरण-प्रतिष्ठान’ ने समाचारपत्र के काग़ज़ मे कटौती करते हुए, ‘सप्तरंग’ पृष्ठ (‘झंकार का पृष्ठ दो) मे कटौती कर दी है, इसलिए आप अब प्रतिरविवार प्रकाशित की जा रही ‘भाषा की पाठशाला’ से […]

जागर्ति और सुषुप्ति

April 16, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय प्रयागराज के सघन पदातिक पथ परविश्रान्त-क्लान्त शयन करती प्रौढ़ा,आजीविका-साधन से समन्वय-सामंजस्य स्थापित करती;अद्भुत एकान्वित और पार्थक्य केआचरण की सभ्यता प्रदर्शित करती;अवचेतन से साक्षात् करती,मानो सांसारिकता से सुदूरकिसी निभृत निलय में […]

राम! उत्तर दो

April 13, 2022 0

★आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय राम!तुम पैदा क्यों हुए?तुम तो क्रय-विक्रय के लिएमात्र एक वस्तु-सदृश हो चुके हो।तुम एक ऐसा विज्ञापन हो,जिसे सीने पर साटकर उन्मादी भीड़हिंसा का जुलूस निकाल रही है।तुम्हारे नाम के रहस्य से […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का संदेश

April 13, 2022 0

आइए! सत्य-संधान करें। प्राय: सत्य स्वयं मे नितान्त कटु होता है। इसका आयाम बृहद् है— कहीं मृदु अनुभव होता है तो कहीं कठोर। यहीं पर सत्य की प्रियता-अप्रियता की यापित काल-खण्डों मे गहन अनुभूति होती […]

देश की सरकार की भाषा-दरिद्रता

April 11, 2022 0

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय— ”अक़्ल का अन्धा” हमारे देश में बहुविध चरितार्थ हो रहा है और उसे वह सरकार कर रही है, जो भेड़-चाल चल रही देश की अधिकतर […]

“हम बदले की राजनीति नहीं करेंगे’ की पड़ताल

April 10, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पाकिस्तान के भावी प्रधानमन्त्री शहबाज़ शरीफ़ ने जब कहा– हम किसी से बदला नहीं लेंगे; बेगुनाहों को जेल नहीं भेजेंगे तब नरेन्द्र मोदी-द्वारा दूसरी बार शपथ-ग्रहण करते समय उनके द्वारा […]

अन्तत:, ऐतिहासिक ‘अविश्वास-प्रस्ताव’ इमरान ख़ान की सरकार को ले डूबा!

April 10, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पाकिस्तान की संसद् ‘मजलिस-ए-शूरा’ मे १० अप्रैल को भारतीय समयानुसार विलम्ब रात्रि के १२ बजकर ४१ मिनट पर इमरान ख़ान के विरुद्ध अविश्वास-प्रस्ताव पर मतदान आरम्भ करा दिया गया था। […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 9, 2022 0

•••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘रविवार’ रहेगा और आपको ‘झंकार’ के दूसरे पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत ‘भाषा की पाठशाला’ मे महत्त्वपूर्ण शब्दों :– ‘अरण्यरोदन’, ‘छूमन्तर’, ‘ठठोली’ आदिक का […]

थू-थू होखे अब लागल तहार सगरी

April 6, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धीके लागल ए बबुआ! तहार नगरी,देख छलकत बा कइसे हमार गगरी।ए बिधाता के रचना जियान कइल तू,हेने अइह मत, पकड़ होने के डगरी।एही करनिया से करिखा पोताइ लेहल,सोचबो करिह ना […]

धूप-दर्शन

April 5, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–पुरवइया हलकान है, पछुआ करे न बात।घूँघट दिखती साँझ है, सूरज मारे लात।।दो–लू चलती ज्यों आग है, आँख उठे यों पीर।ऋतु कोलाहल यों पड़े, दहक रहा ज्यों तीर।तीन–मन तो बहुत […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 2, 2022 0

कल (३ अप्रैल) रविवार रहेगा। देश-देशान्तर मे बड़ी संख्या मे विद्यार्थी और प्रबुद्धवृन्द को ‘दैनिक जागरण-परिवार’ के सौजन्य से विगत छ: वर्षों से प्रस्तुत किये जा रहे इस भाषिक अभियान की चिर-प्रतीक्षा रहती है और […]

धर्मान्ध बनने से पहले ‘धर्म’ को जानो

April 1, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धर्म क्या है? हिन्दू-मुसलमान, सिक्ख (‘सिख’ अशुद्ध है।), जैन, पारसी आदिक अथवा कुछ और? धर्म की अवधारणा क्या है– ‘जय श्री राम? जय सियाराम? अल्लाहो अकबर? दलित हनुमान् या फिर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 30, 2022 0

खेद है! शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) और माध्यमिक शिक्षा परिषद् के सभापति श्री विनय कुमार पाण्डेय को यही नहीं मालूम कि परीक्षा ‘निरस्त’ की गयी है या फिर ‘स्थगित’ की गयी है। उल्लेखनीय है कि देश […]

उर्दू-पत्रकारिता के २०१ वर्ष पूरे हुए

March 28, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय देश मे स्वातन्त्र्य संग्राम का अमृत महोत्सव जगह-जगह आयोजित किया जा रहा है; हिन्दी-पत्रकार-पत्रकारिता की बात की जा रही है; अँगरेज़ी-पत्रकारिता की चर्चा-परिचर्चा की जा रही है; मत-सम्मत व्यक्त किये […]

क्यों चच्चा-बोल बच्चा?– तीन

March 24, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बच्चा– चच्चा!चच्चा– बोल बच्चा?बच्चा– चच्चा! अब तो अपनी रेखा की पाँचों अँगुरी घी मे है?चच्चा– वह कैसे?बच्चा– बुल्डोजर बाबा की सरकार बनने जा रही है। चुनाव मे सभी सभी छात्राओं […]

क्यों चच्चा-बोल बच्चा?– दो

March 23, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बच्चा– चच्चा! एक बात बताओ?चच्चा– बोल बच्चा?बच्चा– कल आप और चच्ची को आपके दोनो बेटे खरी-खोटी सुना रहे थे।चच्चा– तो क्या हुआ?बच्चा– वे तो यह भी कह रहे थे– घर […]

क्यों चच्चा-बोल बच्चा?

March 22, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बच्चा– चच्चा! महँगाई देख रहे हो?चच्चा– हाँ बच्चा।बच्चा– तो?चच्चा– गुड न्यूज़।बच्चा– वह क्या?चच्चा– बच्चा! उपाय है।बच्चा– वह क्या?चच्चा– रात मे सोते समय तकिया के नीचे मोदी बाबा की फोटू रख […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 22, 2022 0

यह एक समाचार-चैनलद्वारा/चैनल-द्वारा प्रस्तुत किया गया समाचार है। (‘चैनल द्वारा’ अशुद्ध शब्द-प्रयोग है; क्योंकि दोनो शब्द पृथक्-पृथक् दिख रहे हैं, जबकि ‘चैनलद्वारा’/’चैनल-द्वारा’/’चैनल ‘के’ द्वारा’ सम्बन्धबोधक कारक है और षष्ठी तत्पुरुष समास का उदाहरण भी।) इस […]

पाकिस्तान मे इमरान-सरकार पर गहराता संकट!

March 21, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय भारत की ही तरह से ‘पाकिस्तान’ मे भी मीडिया पर सरकार के पक्ष मे समाचार दिखाने का दबाव बढ़ाया जा चुका है; विरोध करने पर उन्हें विज्ञापन नहीं दिया जायेगा। […]

समय की मुसकराहट

March 20, 2022 0

★ बिम्ब-विधान और प्रतीक-योजना का अनुशीलन करें। ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आजमहुआटपकना भूल-सा गया है।फुनगी पर बैठी गौरैयाचहकना भूल-सी गयी है।तितलीपंखों को सिमटायेसशंक नेत्रों सेकुछ ढूँढ़-सी रही है।कोटर से झाँकता उल्लूबूढ़े अजगर की पीठ […]

राजस्थान-सरकार की संवेदनहीनता सामने आयी!

March 20, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय धौलपुर (राजस्थान) में एक महिला के साथ १५ मार्च को उसके पति और बच्चों के सामने सामूहिक दुष्कर्म किया गया था, ऐसा पीड़िता ने कथन किया है। इतना ही नहीं, […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 19, 2022 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कोश– शब्दकोश; कोशिका (प्राकृतिक)।कोष– धन, द्रव्य, रुपये-पैसे, आभूषण इत्यादिक (कृत्रिम)।आगार– भाण्डार; निधि; स्थान; घर।कोशागार– शब्दनिधि, शब्दभाण्डार।कोषागार– धन-दौलत, ख़ज़ानाघर; जिस स्थान पर/जिस जगह रुपये-पैसे-आभूषण को संचित कर रखा गया हो। (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 19, 2022 0

कल (२० मार्च) रविवार/रविवासर रहेगा। आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ के सौजन्य से विगत छ: वर्षों से प्रस्तुत की जा रही साप्ताहिक ‘भाषा की पाठशाला’ में अध्ययन करते आ रहे हैं। आप कल पाँच शब्दों के शुद्ध […]

बातें-जज़्बे

March 18, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ताल कितना मिला रहा, छटक रहा हर राग।मिलता उत्तर भी नहीं, खेलूँ कैसे फाग।।देवर-भाभी में कहाँ, भला दिखे अनुराग।बाहर-बाहर प्रेम है, भीतर-भीतर आग।।रस्सी लेकर सब जुटे, बढ़ा-बढ़ाकर बैर।आँखें मन की बन्द […]

आज के प्रमुख समाचार–

March 18, 2022 0

■ लेखक और प्रस्तोता– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ● पाकिस्तान की संसद् मे इमरान ख़ान के विरुद्ध प्रस्तुत किया गया अविश्वास-प्रस्ताव ३४१-८१ से पारित कर दिया गया है। अब इमरान ख़ान दो दिनो के भीतर […]

हिन्दी-उत्थान के लिए अथक प्रयास करने की ज़रूरत– विभूति मिश्र

March 13, 2022 0

हिन्दी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग के ७३वें राष्ट्रीय अधिवेशन का समापन-समारोह सम्मेलन के राजर्षि टण्डन पण्डपम के सभागार मे १३ मार्च को आयोजित किया गया। द्विदिवसीय आयोजन के अन्तर्गत दूसरे और अन्तिम दिन प्रथम सत्र मे […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का ह्वाट्सऐप हैक कर रुपये की की जा रही वसूली

February 26, 2022 0

आज (२६ फरवरी) प्रात: भाषाविज्ञानी और समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का ह्वाट्सऐप शरारती तत्त्वों ने हैक कर लिया है। अब ह्वाट्सऐप को हैक करने के बाद उनके अनेक भाषिक और वैचारिक समूह मे जुड़े […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 23, 2022 0

किसी विषय के प्रश्नपत्र/प्रश्न-पत्र (‘प्रश्न पत्र’ अशुद्ध है।) मे यदि यह प्रश्न हो तो आपका उत्तर कौन-सा (यहाँ ‘क्या’ अशुद्ध है।) होगा? प्रश्न– इनमे से ‘हवा’ के लिए उपयुक्त शब्द है :– (यहाँ ‘है-‘ और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 22, 2022 0

किसी विषय के प्रश्नपत्र/प्रश्न-पत्र (‘प्रश्न पत्र’ अशुद्ध है।) मे यदि यह प्रश्न हो तो आपका उत्तर कौन-सा (यहाँ ‘क्या’ अशुद्ध है।) होगा? प्रश्न– इनमे से ‘हवा’ के लिए उपयुक्त शब्द है :– (यहाँ ‘है-‘ और […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 19, 2022 0

कल (२० फ़रवरी) रविवार रहेगा। आप ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की रविवारीय/ रविवासरीय प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में कल ऐसे अनेक शब्दों का अध्ययन करेंगे, जिनके अर्थ को न समझते हुए, अधिकतर जन मौखिक और लिखित भाषाओं […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 18, 2022 0

आप प्रत्येक वर्ण के पञ्चमाक्षर/पंचमाक्षर का प्रयोग सम्बन्धित प्रत्येक शब्द में ‘लेखनी’ के माध्यम से तो कर सकते हैं; किन्तु ‘टंकण-माध्यम’ से वैसा सम्भव नहीं हो पा रहा है। ऐसा इसलिए कि सम्बन्धित ‘सॉफ़्टवेअर’ की […]

एक कुत्ता शासन सँभाले, मंज़ूर है; मगर भारतीय जनता पार्टी कदापि नहीं

February 17, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय केन्द्र मे जब काँग्रेस; उत्तरप्रदेश मे बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी ने शासन करते समय अति कर दी थी तब मन यही कहता था– एक कुत्ता मंज़ूर है; लेकिन […]

“बेटियों को आत्मनिर्भर की दीक्षा करने की आवश्यकता है”– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

February 17, 2022 0

राष्ट्रीय सेवा योजना, सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय दुमका पीजी इकाई ०१ के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ० अजय शुक्ल के द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाईन वेबीनार का आयोजन १७ फ़रवरी को प्रयागराज […]

‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ मे परवान चढ़ते बैंक-घोटाले!

February 14, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय पिछले सात-आठ वर्षों से जिस तरह से बैंक-घोटाले कराये जा रहे हैं और ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार’ उन घोटालों पर चुप्पी साधे हुए है, उससे एक बात सुस्पष्ट हो चुकी […]

‘अक्षयवट’ की ओर से आयोजित काव्यपाठ सम्पन्न

February 12, 2022 0

‘बादल प्रयागवासी’ एक स्वाध्यायी साहित्यकार थे आज (१२ फ़रवरी) ‘अक्षयवट’ की ओर से राजरूपपुर, प्रयागराज मे स्मृति-शेष काव्यशिल्पी माताबदल श्रीवास्तव ‘बादल प्रयागवासी’ की पुण्यतिथि के प्रथम वार्षिक समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता भाषाविज्ञानी […]

विश्वगुरु नरेन्द्र मोदी का खोखला राजनैतिक और सामान्य ज्ञान

February 11, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय विश्वगुरु नरेन्द्र मोदी ने काँग्रेस पार्टी पर व्यंग्य करते हुए अपने राजनैतिक ज्ञान और सामान्य ज्ञान का इस प्रकार से परिचय दिया है– ● इन्दिरा गांधी और बेनज़ीर भुट्टो ने […]

प्रश्नपत्र तैयार करनेवाली कुपात्रमण्डली से प्रभावित न हों

February 9, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय के मार्गदर्शन मे एक लिपिकीय परीक्षा से लेकर प्रशासनिक सेवा-परीक्षाओं मे पिछले कुछ दशकों से अनिवार्य और ऐच्छिक विषयों के प्रश्नपत्रों में जिस तरह के और जिस तरह से प्रश्नों के […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 9, 2022 0

साहित्यिक संस्थान ‘हिन्दुस्तानी एकेडेमी’-द्वारा अक्षम्य अशुद्ध शब्द-प्रयोग और व्याकरण की अवहेलना ● विशेष– आप ऊपर दिख रहे निमन्त्रणपत्र मे घेरे गये शब्द और वहाँ अंकित (६) अंक की गणना न कर, घेरे गये (७) को […]

ईहे कहाला भोजपुरी; सुनी सभे

February 4, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अँखिया के कजरा हेराइ गइले सजनी,हाथवा के मेहँदी खियाइ गइले सजनी।अजोरिया मे लौके हर ओरिया अन्हरिया,एहि घरवा दियवा बुताइ गइले सजनी।जोहत रहि गइनी चनरमा के चननिया,एही तरी अँखिया सुखाइ गइले […]

नेता जी की जय

February 2, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–नेता आतंकी बने, बाँट रहे हैं देश।बोल विषैले बोलते, नक़्ली दिखता वेश।।दो–नेता इनको मत कहो, करते हैं व्यापार।मानवता को खा रहे, दिखें धरा पर भार।।तीन–घृणित कृत्य से युक्त हैं, दुर्गुण […]

The Union Budget disappoints the general public!..

February 2, 2022 0

★ Acharya Pt. Prithwinath Pandey Before the presentation of the Budget for the year 2022-23, it seemed that the ‘Modi-Government of New India’ would present a budget in the public interest, understanding the difficulties of […]

संसद् मे राहुल गांधी की ग़ज़ब की दहाड़!

February 2, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज (२ फ़रवरी) राहुल गांधी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद लोकसभा मे जिस प्रकार से हिन्दी-अँगरेज़ी मे अपनी विद्वत्तापूर्ण तार्किक प्रतिक्रिया की है, वह सुनने-लायक़ था। राष्ट्रपति अपने अभिभाषण […]

बोलो जय श्री राम

January 31, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–राम-नाम तो आड़ है, काम दिखे बेकाम।बेच रहे हैं देश को, बोलो जय श्री राम।।दो–दिखता नक़्ली काम है, और न अस्ली चाम।ठगते आये देश को, बोलो जय श्री राम।।तीन–मूल विषय […]

कब तक अशुद्ध नाम ‘भारद्वाज आश्रम’ पढ़ते रहोगे?– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

January 30, 2022 0

प्रयागराज मे ‘आनन्द भवन’ के समीप ‘विश्वगुरु’ ‘भरद्वाज मुनि’ का आश्रम स्थित है। वही भरद्वाज-आश्रम, जहाँ प्रवास करते हुए, दस हज़ार विद्यार्थी प्रतिदिन अध्ययन किया करते थे। भरद्वाज मुनि को ही विश्व का प्रथम कुलाधिपति […]

आन्दोलनकारी विद्यार्थियों के नाम ‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय’ का संदेश

January 29, 2022 0

हमारे प्रिय विद्यार्थिवृन्द! आप किसी भी शासन की व्यवस्था के विरुद्ध आन्दोलन, धरना-प्रदर्शन करें; किन्तु हिंसक और अराजक के रूप मे नहीं। आपका आन्दोलन शान्तिपूर्ण होना चाहिए। पुलिसतन्त्र के उकसावे पर भी आप अपना धैर्य […]

एक स्वछन्द अभिव्यक्ति

January 29, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–बनता-मिटता चित्र यहाँ, जीवन बन अभिशाप।मीठे फल सब चख रहे, बनकर के निष्पाप।।दो–भाँति-भाँति-जन हैं यहाँ, चतुर-चोर-चालाक।वाणी कोयल कूकती, दिखते मन से काक।।तीन–मन से दिखते दीन हैं, तन से सुन्दर अंग।चीर […]

ग़ुलामो की बस्ती

January 29, 2022 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय यहाँ ग़ुलामो की बस्ती हैमारो ठोकरधराशायी कर दो नीवँ को।चाटुकार चमचों की गरदनलम्बी होती जा रही;उठाओ कील और टाँग दो खूँटी पे।ये इन्सानियत की भाषासमझकर भी नहीं समझतेइनकी ज़बाँ खोलोऔर […]

पराजित देह की ‘अनश्वर’ पटकथा

January 29, 2022 0

एक अभिव्यक्ति ★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय (सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २९ जनवरी, २०२२ ईसवी।)

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