ब्लॉक कोथावां में वोटर लिस्टों की बिक्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 15, 2021 0

यहाँ उन शब्दों के प्रयोग के लिए अनुरोध किया गया है, जो शुद्ध हैं और उपयुक्त भी। कृपया अपने लेखन में उन शुद्ध शब्दों को स्थान देकर, समाज का भाषिक मार्गदर्शन करें। ★ ‘प्रावधान’ के […]

“जमूरा-जमूरा, जमूरा-जमूरा, जमूरा-जमूरा”

April 15, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय जमूरे!बोल ओस्ताद।अबे! कहाँ मर गया तू?यहीं तो हूँ ओस्ताद! तेरे पिच्छू।कोरोना से अब तक लाखों लोग मर चुके हैं।फिर ओस्ताद!अबे हरामख़ोर!तुझे क्यों रखा है?’मन की बात’ सुनाऔर यहाँ बटोरी गयी […]

Awakening and sleep

April 12, 2021 0

★ Acharya Pt Prithvi Nath Pandey On the dense road of AllahabadOld-fashioned sleeping adult,Co-ordinates livelihoods;Amazingly collected and segregatedDemonstrate a civilization of conduct;Interviewing the subconscious,As if far from worldlyA dreamed beauty in a closed ventricleShreya-Preya, with […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 12, 2021 0

अशुद्ध वाक्य का शुद्धीकरण (‘शुद्धिकरण’ अशुद्ध शब्दप्रयोग है।) वाक्य– होली की आपको हार्दिक/ अनन्त अनन्त/बहुत/बहुत बहुत/ढेर सारी शुभ कामना/ शुभकामनाएं। होलिकोत्सव (होलिका+उत्सव) पिछले दिनों सम्पन्न हुआ था। ‘मुक्त मीडिया’ (सोसल मीडिया) नामक मंच पर बहुसंख्या […]

मौसम वाणी बोलता, होंगे अबकी पस्त

April 10, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय एक–आस्तीन के साँप सब, मत जाओ अब पास।कदाचार है दिख रहा, कर दो अबकी साफ़।।दो–कितने चतुर-सुजान हैं, हवाबाज़ी में दक्ष।सच की गरदन दाबकर, पाप का रखते पक्ष।।तीन–पाप घड़ा का भर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

April 9, 2021 0

••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••••कल (१० अप्रैल) ‘शनिवार’ रहेगा और आपको ‘सप्तरंग’ पृष्ठ पर ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय भाषिक प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ के अन्तर्गत पाँच शब्दों को सोदाहरण समझने को मिलेगा। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की पाठक-पाठिकाएँ ‘नव दुनिया’ […]

जो बैठे हैं तेरे साथ, वे बेईमान लिये फिरते हैं

April 9, 2021 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय बेजान हुस्न की, अदा लिये वे फिरते हैं,चश्मे पुरनम की, अदा लिये वे फिरते हैं।कज़ा लौट घर उनके, दस्तक दे आती है,साथ ज़िन्दगी का, सामान लिये वे फिरते हैं।तल्ख़ अन्दाज़ में, […]

‘बेटी’ ने कुछ कहने के लिए ‘मौक़ा’ दे दिया

April 5, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय २ अप्रैल, २०२१ ईसवी को मेरी बड़ी बेटी कंजिका ने अकस्मात् कहा था, “बाबू जी! जितना आपने ‘हिन्दी’ पर ध्यान दिया है उतना परिवार पर दिये रहते तो क्या बात […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 31, 2021 0

हमारी पाठशाला के विद्यार्थी ‘पानी’ शब्द का प्रयोग प्राय: पेय-अपेय जल के रूप में करते आ रहे हैं और बहुत हुआ तो दो-चार कहावतों-मुहावरों के रूप में या फिर ‘पर्यायवाची’ के रूप में पढ़-लिखकर अपने […]

भोजपुरी बोली के रस पीहीं सभे बुझाइल कि ना हो?

March 25, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अझुराहि, गेंगाहि, नखराहि, बुदबुदाहि, फेकराहि, झोकराहि, बकलोल आ तिरछोल मेहरारू केहू के भेंटाइ गइल त जिनगी के ताक् धिना धिन सुरू हो गइल। एहुसे घेलुओ में केहू ओइसन मेहराऊ थमावे, […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 20, 2021 0

निम्नांकित वाक्य को कारणसहित शुद्ध करें :– वाक्य– वह महिला अत्यन्त विद्वान महिला है जिसकी विद्वता की चरर्चायें यत्र तत्र सर्वत्र अनुगूंज रही है अब आप ‘सकारण’ उत्तर ग्रहण करें, जो आपको ‘कहीं भी’ प्राप्त […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 12, 2021 0

कल (१३ मार्च) शनिवार होगा और आप प्रति सप्ताह की भाँति ‘दैनिक जागरण’, ‘नई दुनिया’ तथा ‘नव दुनिया’ के सप्तरंग पृष्ठ पर ‘हिंदी हैं हम’ के अन्तर्गत हमारी शनिवासरीय ‘भाषा की पाठशाला’ में यह ज्ञान […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

March 11, 2021 0

निम्नांकित दोहावली भारतेन्दु हरिश्चन्द की प्रसिद्ध कविता ‘निज भाषा’ से उद्धृत की गयी है। हिन्दी के अधिकतर भक्तगण हिन्दी-विषयक आयोजनों में “निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा-ज्ञान के मिटत न […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय का काव्य-वैभव

March 10, 2021 0

एक–‘राम’-भाव से शून्य हैं, ‘श्री’ से भी हैं हीन।भाड़े के ‘जय’ दिख रहे, मानो कोई दीन।।दो–देश तोड़ना रह गया, जिनके जिम्मा काम।हृदय हलाहल है भरा, बोलें जय श्री राम।।तीन–नारी! तू नारायणी, कवि कहता चहुँ ओर।अबला-सबला […]

हिन्दी-अंकों को ‘शब्दों’ में लिखना सीखें

March 10, 2021 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला देश के ९९.९९ प्रतिशत विद्यार्थी-अध्यापक, साहित्यकार, भाषाकार, राजभाषाधिकारी, हिन्दी-अधिकारी, अनुवादक, भाषाविद्, वैयाकरण, व्याकरणाचार्य, प्रकाण्ड भाषापण्डित, भाषाशास्त्री, साहित्यकार, आलोचक, समालोचक, समीक्षक, टीकाकार, भाष्यकार, हिन्दी-संस्थानों-निदेशालयों के अध्यक्ष-निदेशक, समाचारपत्र-पत्रिकाओं और समाचार-चैनलों के […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 25, 2021 0

आप नीचे एक कोश के आवरण-पृष्ठ और उसके आरम्भिक पृष्ठ के क्रमश: दो चित्रों को ध्यानपूर्वक देखें। इसे देश के प्रसिद्ध प्रकाशन-प्रतिष्ठान ‘डायमंड’ प्रकाशन, दिल्ली ने प्रकाशित किया है। यह हिन्दी का एक शब्दकोश है; […]

वक़्त-बेवक़्त

February 24, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय हमने जब सोचा,चैन से कट जायेगाज़िन्दगी का हर पल।समय ने दस्तक दी;एक गह्वर में डाल दी गयी,बटोरी हुई साँस;फ़ज़ा में उड़ा दी गयीं,मेरी बची-खुची रातें।मैं ठगा-सा देखता रह गयावक़्त की […]

‘बाग़ी बलिया’ से प्रक्षेपित शब्दतीर : सियासत नंगी-जाहिल ज़ाहिर हो चुकी

February 16, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय रिश्तों की अहम्मीयत अब जान जाइए,बुराई में अच्छाई अब पहचान जाइए।निगाहें ग़र तलाशी लेने पे उतर आयें,ज़बाँ को तसल्ली दे मुसकान लाइए।नज़रें इनायत हों तो एक बात मैं कहूँ,अपनी कथनी-करनी […]

बाग़ी बलिया से प्रक्षेपित शब्दतीर : जवाब देते हैं सवाल की तरह

February 16, 2021 0

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय अब वे लगने लगे हैं, जंजाल की तरह,चेहरा दिखता, किसी कंगाल की तरह।बातों-ही-बातों में, कुछ राज़ छुपा गये,जवाब देते हैं, किसी सवाल की तरह।आँखों पर है हर्फ़१ की, पर्द:दारी अब,उनकी […]

एक अभिव्यक्ति

February 8, 2021 0

★आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय निरभ्र आकाश मेंमखमली वितान के नीचेगोटेदार चादर परविराजमान सितारेवसुन्धरा काश्रृंगार (शृंगार) कर रहे हैं।कुछ ऐसे अबूझ रास्ते हैं,जो पहाड़ों के दामन मेंवर्षों से सुस्ता रहे हैं।मीलों दूर विस्तृतरेत के सागर के […]

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