कल हमारा देश कहाँ था और ‘आज’ कहाँ है?

November 1, 2023 0

आत्मचिन्तन ● आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय आज़ादी के बाद से पिछले नौ वर्षों में जिस नीति के अन्तर्गत वर्तमान सरकार ने प्रत्येक स्तर पर प्रत्येक क्षेत्र मे जिस तरह से खोखला कर आत्म-समृद्धि कर ली […]

चिन्तन की एक कड़ी

April 18, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वाह रे मनुष्य ! ‘मोदी-मोदी’ अथवा ‘योगी-योगी’ अथवा इस तरह की कोई भी गतिविधि मात्र पानी का एक बुलबुला है। जल की सतह पर कुछ ही पल के लिए ‘बुलबुला’ दिखता है […]