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साहित्य क्या है?

July 1, 2022 0

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला— जिसमे जड़-चेतन का हित हो; कल्याण हो तथा भला हो, वह ‘साहित्य’ है। साहित्य जीवन का व्याख्याता है। साहित्य के परिशीलन से हृदय का परिष्कार होता है। उसमें प्रकृति […]

सत्य और प्रकृति की विचारधारा से जुड़ाव साहित्य है– अनवार अब्बास

November 30, 2021 0

‘साहित्यांजलि प्रज्योदि’, प्रयागराज के तत्त्वावधान में ३० नवम्बर को ‘सारस्वत सभागार’, लूकरगंज, प्रयागराज में दो चरणों में आयोजित सारस्वत समारोह की अध्यक्षता भाषाविज्ञानी-समीक्षक आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ने की थी। प्रख्यात शाइर अनवार अब्बास मुख्य […]

कांगड़ा के डॉ० राजीव, संजना और आकृति को मिला साहित्य गौरव सम्मान 2021

November 15, 2021 0

कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश कृष्ण कला मंच जयपुर द्वारा मासिक प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर कांगड़ा के डॉ राजीव डोगरा तथा उनकी छात्राओ संजना तथा आकृति को साहित्य गौरव सम्मान 2021 देकर सम्मानित किया गया। […]

साहित्य है समाज और राष्ट्र की चेतना जगाने का माध्यम

July 18, 2021 0

राजेश पुरोहित, भवानीमंडी पटना : 15 जूलाई 2021को गूंज कलम की साहित्यिक मंच के मुख्य मंच, झारखंड इकाई, जम्मू-कश्मीर इकाई और कटिहार इकाई का भव्य उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्य क्रम देर रात तक चला। […]

हिंददेश परिवार की इंग्लिश मैगज़ीन का उद्घाटन समारोह सम्पन्न

June 3, 2021 0

समाचार साहित्य जगत से— -राजेश पुरोहित, भवानीमंडी अपने स्थापना काल से ही लगातार नित नई ऊंचाइयों की तरफ कदम बढ़ाने वाला हिंददेश परिवार में एक नया आया जुड़ा, जब हिंददेश पाक्षिक हिंदी पत्रिका के बाद […]

बाल साहित्य लेखन की महती आवश्यकता

March 16, 2021 0

बच्चे अपने परिवार पास पड़ोस अपने विद्यालय अपने परिवेश से बहुत कुछ सीखता है। वातावरण विचारों आदर्शों लक्ष्यों और शब्दों से सांस्कृतिक वातावरण बनता है। छोटे बच्चे बड़ों का अनुकरण करते हैं। घर पर माता […]

डॉ. निशंक की कृतियों में जीवन बोलता है

December 23, 2020 0

‘सिदो कान्हु मुर्मु विश्वविद्यालय’, दुमका (झारखंड) की ओर से ‘वातायन’ अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मान 2020 के संदर्भ में डॉ. निशंक का रचना-संसार’ विषय पर द्विदिवसीय ऑन-लाइन अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 23 दिसम्बर को अपराह्न 4- बजे से आयोजित […]

साहित्य किसी की भी ‘सम्पदा’ नहीं

November 6, 2020 0

— आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय साहित्य सभी के लिए है। साहित्य के साथ दलित-पतित, अगड़ा-पिछड़ा लगाकर साहित्य को कतिपय लोग एक खाँचे तक सीमित रखना चाहते हैं। अरे! साहित्य को ‘साहित्य’ ही रहने दो, उसका […]

साहित्य संगम संस्थान ने कवि, कवयित्रियों को नीलकण्ठ सम्मान से किया सम्मानित

March 16, 2019 0

भवानीमंडी:- साहित्य संगम संस्थान दिल्ली द्वारा चार मार्च 2019 को शिवाराधना ऑनलाइन विडीओ कवि सम्मेलन में प्रतिभागी सभी रचनाकारों को नीलकण्ठ सम्मान से शुक्रवार को सम्मानित किया। सम्मान समारोह के संचालक आशीष पांडेय जिद्दी ने […]

गाँधी साहित्य से गुलजार हो उठा चारबाग़ रेलवे स्टेशन

January 30, 2019 0

रिपोर्ट- अवनीश मिश्रा लखनऊ, चारबाग़ रेलवे स्टेशन परिसर में दिनांक 30 जनवरी 2019 को सर्वोदय साहित्य एवं सर्वसेवा संघ के संयुक्त तत्त्वावधान में आयोजित 26 वें गाँधी पुस्तक मेले का उद्घाटन उत्तर रेलवे के अपर […]

कैसा हो बाल साहित्य का स्वरुप : एक विचार

February 11, 2018 0

रजनी गुसैन – Sarahi Prakashan की वॉल से – भारत में साहित्य सृजन का क्षेत्र बहुत विस्तृत हैं! साहित्य की विभिन्न विद्याऐं प्राचीन समय से ही भारतीय साहित्य में उपलब्ध हैं! साहित्य को विभिन्न श्रेणियों में बांटा गया […]

हिंदी साहित्य में भक्तिकाल एव सामाजिक चिंतन

October 31, 2017 0

डॉ.आकांक्षा मिश्रा, गोंडा (उत्तर -प्रदेश) भारतीय धर्म-साधना में भक्ति के मार्ग का विशिष्ट स्थान माना जाता है , मनुष्य प्राकृतिक शक्तियों के दैवीकरण के बाद देवताओं में असीम भक्ति की उपज होने के साथ ही […]

जब जीवन ज्योतिर्मय हो जाए

October 25, 2017 0

जगन्नाथ शुक्ल, इलाहाबाद जब जीवन ज्योतिर्मय हो जाए, मम हृदय समर्पित हो जाए। इस कोलाहल से मिले शान्ति नाथ! निज मार्ग प्रवर्तित हो जाए।।१।। सत्य सदा मम उद्गार बने, जीवन में न असत्य की रार […]

ब्रिटिश लेखक काजुओ इशिगुरो को साहित्‍य का नोबेल पुरस्‍कार

October 6, 2017 0

साहित्‍य के क्षेत्र में इस वर्ष के नोबेल पुरस्‍कार ब्रिटिश लेखक काजुओ इशिगुरो को दिया गया है । स्‍वीडिश अकादमी ने पुरस्‍कार की घोषणा करने के बाद कहा कि इशिगुरो के उपन्‍यासों में भावनात्‍मक तत्‍व […]

साहित्य संस्थान द्वारा राज्यकर्मियों हेतु पुरस्कार

September 11, 2017 0

जिलाधिकारी ने बताया है कि राज्य कर्मचारी साहित्य संस्थान द्वारा वर्ष 2017-18 के लिये राज्यकर्मियों को देवनागरी लिपि मे लिखि जाने वाली प्रदेश की भाषाओं/बोलियों मे दीर्घकालीन साहित्य सेवा के लिये चार पुरस्कार (दो गद्य […]

तुलसी-साहित्य में शील, शक्ति तथा सौन्दर्य का समन्वय : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

August 20, 2017 0

“तुलसी की लोकप्रियता का मुख्य कारण यह है कि उन्होंने जीवन को एकांगिकता और अतिवादिता से बचाकर मध्यमार्ग पर चलने का संदेश दिया है। तुलसी का समग्र साहित्य में राम का चरित्र इतना समृद्ध हुआ […]