सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

अंधकार संग मैं निरा अकेला, मुझको याद प्रिये की आयी

January 8, 2020 0

असित दुबे, हरदोई- इस शीतल सी निशा घड़ी में, चपल चंद्रिका चाँद को लाई, अंधकार संग मैं, निरा अकेला, मुझको याद प्रिये की आई। यह चुभती सी विछोह वेदना, है घुली हुई मेरे प्रतिपल में, […]