सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

पूरा देश बन पकौड़ा-सा गया है

February 7, 2018 0

जगन्नाथ शुक्ल, इलाहाबाद सूरज तो कुछ उकता-सा गया है, दिन अब कुछ मुरझा-सा गया है। ये कण्ठ नहीं है अवरुद्ध तुम्हारा, धरा को क्यों उलझा-सा गया है।। सूरज तो………………………… अब मुक्त करो निज बाहुपाश से, […]