गरीबी के दौर में सड़ते हुए सरकारी तंत्र के बीच बीमारी ने गुड्डी की छीनीं सांसें

January 11, 2019 0

हरदोई- गरीबी के दौर में सड़ते हुए सरकारी तंत्र के बीच बीमारी ने गुड्डी की सांसें छीन लीं । बीमारी की मार न झेल पाने से गोपाल की पत्नी गुड्डी ने गुरूवार को दम तोड़ […]

हमें ‘राजनीतिक’ आरक्षण नहीं, ‘वास्तविक’ आरक्षण चाहिए

April 6, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय वर्तमान सरकार बहुत ही ढीठ और ख़ुदगर्ज़ है। सत्ता की राजनीति के अलावा अब तक जनहित में कुछ नहीं कर पायी है। उसे मालूम है कि अब तक जिनको आरक्षण का लाभ […]

पूर्वोत्तर में खिलने लगा कमल और हाथ का साथ छूटा

March 3, 2018 0

भारतीय जनता पार्टी ने पूर्वोतर में अपनी सत्‍ता का विस्‍तार किया है। पार्टी, वाम दलों के गढ़ त्रिपुरा में भी सरकार बनाएगी। राज्‍य में पिछली विधानसभा में भाजपा के पास एक भी सीट नहीं थी […]

उत्तरप्रदेश-शासन की बीभत्स चुनावी चाल ‘गोरखपुर-महोत्सव’

January 12, 2018 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय- पिछले तीन वर्षों में गोरखपुर में स्वस्थ चिकित्सा-उपचार के अभाव में २० हज़ार शिशुओं, बालक-बालिकाओं तथा किशोर-किशोरियों की मृत्यु हो चुकी है। अब उन्हीं की क़ब्र पर उत्तरप्रदेश-सरकार ‘गोरखपुर महोत्सव’ मनाने जा […]

पिछले सत्तर साल में पाकिस्तानी फ़ौज ने राजनीतिक कल्चर को उभरने ही नहीं दिया !

January 2, 2018 0

महेन्द्र महर्षि, गुरुग्राम (से.नि. वरिष्ठ प्रसारण अधिकारी, प्रसार भारती)- भारत का अमेरिका और इस्राईल के मामले में स्वतंत्र फ़ैसला शायद पाकिस्तान ने कभी सोचा भी नहीं होगा । वहाँ की फ़ौज कूटनीति को क्या समझे […]

देश के ‘बीभत्स’ राजनीतिक वातावरण के लिए कौन उत्तरदायी?

December 20, 2017 0

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय ”तू-तू मैं-मैं” की राजनीति से सम्पूर्ण देश में बीभत्स परिदृश्य उपस्थित हो चुका है। इसके लिए भा०ज०पा० उतनी ही ज़िम्मेदार है जितनी कि काँग्रेस पार्टी है। प्रधान मन्त्री के पद पर काम […]

फ़ासिस्टों का कोई संतुलित राजनीतिक दर्शन ही नहीं था…

December 9, 2017 1

फासीवाद या फ़ासिस्टवाद (फ़ासिज़्म) इटली में बेनितो मुसोलिनी द्वारा संगठित “फ़ासिओ डि कंबैटिमेंटो” का राजनीतिक आंदोलन था जो मार्च, 1919 में प्रारंभ हुआ। इसकी प्रेरणा और नाम सिसिली के 19वीं शती के क्रांतिकारियों-“फासेज़”-से ग्रहण किए […]

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