सामाजिक चेतना हेतु अतिमहत्त्वपूर्ण प्रश्नोत्तर

May 20, 2022 0

प्रश्न;क्या साधारण मनुष्य बिना अधिकारों के किसी भीनिजी या व्यवहारिक/सामाजिक कर्तव्य करने हेतु उत्तरदायी है? उत्तर;नही, कोई भी मनुष्य अपने निजी कर्तव्यों हेतु पूर्णतः स्वतंत्र है वो भी तबतक जबतक कि व्यवहारिक/सामाजिक बाध्यता का हनन […]

मानवपुराण : व्यावहारिक दृष्टि मे समाज

April 24, 2022 0

मानवपुराण व्यावहारिक दृष्टि से समाज में मनुष्यों के तीन प्रकार हैं-मूर्ख, धूर्त, सज्जन सज्जनों का 2+2 = 4 होता है।धूर्तों का 2+2 = 3 या 5 होता है।मूर्खों का 2+2 = 0 होता है। सत्य […]

राजनैतिक न्याय को परिभाषित करने वाली प्रणाली

April 24, 2022 0

राजनैतिक न्याय को परिभाषित करने वाली महालोकतंत्रीय स्वशासनप्रणाली :- लोकतंत्र शब्द में दो शब्दों का संयोग है- लोक + तंत्र।लोक मतलब सार्वजनिक और तंत्र मतलब शासन।अर्थात “सार्वजनिक शासन” ही लोकतंत्र है। शासन का परिचय शासन […]

मुंह पर कालिख, गले में जूते की माला!

August 28, 2020 0

अवनीश मिश्रा- क्यों लोग शर्मसार कर देने वाली इस घटना को तमाशबीन बने खड़े हंसते हुए देख रहे, किसी ने तो ये तक बोल दिया की इनको पैदा करने वाले आज पछताएंगे। ऐसा भी क्या […]