ब्लॉक कोथावां में वोटर लिस्टों की बिक्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 21, 2021 0

भाषा व्यक्तित्व को निखारती है और उसमें एक सुखद आकर्षण भी उत्पन्न करती है। आइए! अपने व्यक्तित्व को सँवारें। सौन्दर्य और सौन्दर्य-बोध की अवधारणा — कोई भी कविता ‘सुन्दर’ अथवा ‘nice’, ‘beautiful’, ‘great’ नहीं होती […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

February 19, 2021 0

कल (२० फ़रवरी) शनिवार रहेगा। ‘दैनिक जागरण-परिवार’ की शनिवासरीय प्रस्तुति ‘भाषा की पाठशाला’ में आप कल अनेक ऐसे शब्दों का अध्ययन करेंगे, जिनका ‘आप सभी’ अभी तक अशुद्ध अर्थ जानते-मानते-समझते तथा व्यवहार करते आ रहे […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 28, 2021 0

★उत्तरप्रदेश-विधानसभा समूह ‘ख’ की परीक्षा पर प्रश्नचिह्न★’हिन्दी-भाषा’ के प्रश्नपत्र तैयार करनेवालों की अयोग्यता सामने आयी विद्यार्थी किसी भी परीक्षा में इसलिए सम्मिलित होते हैं कि उनका परिश्रम सार्थक हो और वे परीक्षा की कसौटी पर […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

January 11, 2021 0

”देखिए! ये हसीं शाम ढलने को है,अब तो जाने की इजाज़त दे दो मुझे।” यह युगल गीत ‘राज़’ फ़िल्म का है, जिसे लता मंगेश्कर जी और मुकेश जी ने गाये हैं। यहाँ पर दो विचारणीय […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 19, 2020 0

★ शब्द-विचारज़िम्म:दार-ज़िम्म:वार— सही शब्द ‘ज़िम्म:दार’ और ‘ज़िम्म:वार’ है। अब प्रयोग के धरातल पर वही ‘जिम्मेदार’ और ‘जिम्मेवार’ बन गया है। दोनों ही ‘अरबी’ शब्द हैं। दोनों का एक ही अर्थ है। ज़िम्मा में क्रमशः ‘दार’ […]

‘आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला’

December 11, 2020 0

◆ नीचे दिये गये ‘चित्र’ को गम्भीरतापूर्वक देखें।■ न हिन्दी और न ही अँगरेजी का बोध!‘बस-विभाग’ की मूढ़ता अथवा ‘वाराणसी विकास प्राधिकरण’ का प्रमाद कहा जाये– न हिन्दी का संज्ञान और न ही अँगरेज़ी का […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

December 5, 2020 0

■ ‘विरामचिह्नों के प्रयोग वाक्य में स्पष्टता लाने के लिए, अर्थात् अर्थ का भाव प्रकट करने के लिए विराम-चिह्नों के प्रयोग अनिवार्य माने गये हैं। निस्सन्देह, विरामचिह्न की स्वतन्त्र सत्ता नहीं होती; परन्तु महत्ता अवश्य […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 27, 2020 0

कल (२८ नवम्बर) शनिवार रहेगा और आपको देश के शीर्षस्थ दैनिक हिन्दी-समाचारपत्र ‘दैनिक जागरण’ और मध्यप्रदेश के पाठकप्रिय दैनिक हिन्दी-समाचारपत्र ‘नई दुनिया’ के कल के अंक में अतीव उपयोगी साप्ताहिक स्तम्भ ‘भाषा की पाठशाला’ (‘सप्तरंग’ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 26, 2020 0

निर्देश– नीचे दिये गये प्रश्नों में पाँच शब्द अंकित हैं और उत्तर के रूप में उनके विकल्प भी। आप प्रश्न-प्रकृति को समझते हुए, दिये गये शब्दों के शुद्ध और उपयुक्त अर्थ बताइए।१- परिरम्भ :–(क) गाढ़ […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 14, 2020 0

शुद्ध और उपयुक्त शब्द-प्रयोग :– दीपावली-दीवाली, दीया-दिया, प्रज्वलन, अधिकांश-अधिकतर, अवतरण-जन्म। ★ दीपावली-दीवाली– इन दोनों ही शब्द-प्रयोग को लेकर लोग भ्रम और संशय की स्थिति में रहते हैं। यही कारण है कि कुछ लोग ‘दीपावली’ तो […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

November 7, 2020 0

◆ निम्नांकित शब्द उत्तरप्रदेश के आंचलिक बोली-व्यवहार के अन्तर्गत आते हैं। आंचलिक शब्दों का कोई ‘सर्वमान्य’ व्याकरण नहीं है, इसीलिए स्थानिक भाषा का कोई स्वतन्त्र व्याकरण नहीं होता और उन्हें ‘बोली’ का नाम दे दिया […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 23, 2020 0

◆ शब्द– अल्ला और अल्लाह। ★ अल्ला– यह ‘संस्कृत-भाषा’ का शब्द है, जो लिंग-निर्धारण के अन्तर्गत स्त्रीलिंग का शब्द है। अधिकतर कोशकार ‘अल्ला’ शब्द को ‘अरबी-भाषा’ बताते हैं, जो कि भयंकर दोष है। शब्दभेद की […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की भाषा की पाठशाला के उत्तर

October 22, 2020 0

उत्तर, प्रश्न-शृङ्खला के अन्त में अङ्कित हैं । निम्नांकित में से शुद्ध उत्तर का चयन कीजिए :—-(यदि आपको लगता है कि इनमें से कोई उत्तर शुद्ध नहीं है तो कृपया शुद्ध उत्तर अंकित करें।)१- परीक्षक […]

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 12, 2020 0

१- निम्नांकित के अन्तर्गत प्रत्येक में से कौन-सा शब्द/वाक्य अशुद्ध नहीं है?(क) खिलाड़ी ने गेंद फेंका । (ख) खिलाड़ी ने गेंद फेंकी। (ग) खिलाड़ी ने गेंद फेकी।(घ) खिलाड़ी गेंद फेका। (ङ) खिलाड़ी गेंद फेकी।२- (क) […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की प्रायोगिक पाठशाला

February 25, 2020 0

यह है, ‘न्यूज़ 24’ समाचार-चैनल। नीचे ‘न्यूज़ 24’ समाचार-चैनल-द्वारा २४ फ़रवरी, २०२० ई० को प्रसारित किये गये दो समाचार दिखाये गये हैं। आप अब नीचे प्रदर्शित किये गये दोनों चित्रों के भाषिक सत्य को समझें […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला में जायसी का ‘पद्मावत’ : एक अनुशीलन

November 20, 2019 0

‘पद्मावत’ महाकाव्य भारतीय परिभाषा के अन्तर्गत नहीं आता। उसे एक बृहद् खण्ड काव्य कहा जा सकता है। ऐसा इसलिए कि उसमें कथा की धारा सर्गों में विभाजित न होकर, अविच्छिन्न रूप में प्रवहमान है, उसे […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

October 11, 2018 0

★ निम्नांकित शब्दों में से कोई एक शब्द ही शुद्ध है। आप शब्दों को व्याकरण की कसौटी पर कसते हुए, शुद्ध शब्द बताइए :– १- (क) अन्तेवासी (ख) अन्तःवासी (ग) अन्तवासी (घ) अन्ते:वासी २- (क) […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला ★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें

October 2, 2018 0

★ अशुद्ध शब्द-प्रयोग देखें :—- साहित्येत्तर, विवाहेत्तर, पाठ्येत्तर, संग्रहित, गणमान्य, ख्याल, सूनसान, अनुग्रहित, बहुत बेहतर, सबसे बेहतरीन, बावजूद भी, अत्यन्त ही, प्राणप्रण, आद्यान्त, प्रवाहमान, सेवा-सुश्रूषा, शोधछात्र, विद्वतजनों, समर्थवान, गुणीजनों, कार्यकत्री। ★ शुद्ध शब्द :– साहित्येतर, […]

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय की पाठशाला

September 28, 2018 0

★ हमारे महान् साहित्यकार, समीक्षक, कवि-कवयित्री, शायर इत्यादिक बहुत गर्व के साथ मंचों के माध्यम से कहते हैं :—– ० मैंने अभी-अभी एक ताज़ी कहानी लिखी है। ० मैं एक ताज़ी ग़ज़ल पेश करती हूँ। […]

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