लुप्त हो रही लोक संस्कृति के संवर्धन और संरक्षण पर चर्चा

लोक संस्कृति की धरोहर मुनाल के पांच दिवसीय महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के द्वितीय दिवस पंडित गोविंद बल्लभ पंत पर्वतीय सांस्कृतिक उपवन में आयोजित हो रहे कार्यक्रम में लुप्त हो रही लोक संस्कृति के संवर्धन-संरक्षण पर चर्चा की गयी।

कार्यक्रम में उभरती हुई प्रतिभाओं व प्रतिभागियों के लिए विभिन्न आयु वर्ग की प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। जिनमें गायन, वादन, नृत्य, चित्रकला और फैंसी शो का आयोजन किया गया। सांस्कृतिक संध्या में गजल गायक कमल खान ने खूबसूरत गजल से समा बांध दिया। नुपुरम् संस्था ने नृत्य नाटिका ‘नारी शक्ति’ का मंचन किया। नृत्य निर्देशन विभा नौटियाल ने किया और कलाकार साक्षी त्रिपाठी, रुचिका सहाय मंशिक कनौजिया, आरियाना अग्रवाल, आराध्या रस्तोगी आदि थे। गढ़वाली लोक नृत्य; दमयंती नेगी एवं साथियों द्वारा प्रस्तुत किया गया जिसमें शांति पांडे, सुशीला नेगी, राधा बोरा आदि ने नृत्य किया। लिटिल माही स्कूल कुर्मांचल नगर द्वारा नीलम जोशी के निर्देशन में उत्तराखंड का पारंपरिक नृत्य प्रस्तुत किया गया।

इस कार्यक्रम में भारत के विभिन्न प्रांतों की लोक संस्कृति के साथ भारतीय हस्तशिल्प के स्टॉल, खानपान के स्टाल और झूले आदि लगे हैं। इस मैदान पर प्रथम यह महोत्सव का आयोजित हो रहा है। मुख्य अतिथि द्वारा विभिन्न क्षेत्रों के विद्वानों को प्रतीकचिह्न, अंगवस्त्र व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में आकांक्षा आनंद, डॉक्टर अमर सिंह बिष्ट, डॉ प्रतिभा श्री, डॉ विकास श्रीवास्तव, डॉ भीम सिंह नेगी, पंडित जी सी पुरोहित आदि विद्वज्जन मौजूद रहे। विधान परिषद सदस्य श्री पवन सिंह चौहान, श्री रामचंद्र प्रधान, मुख्य संयोजक विक्रम बिष्ट ने दीप प्रज्वलन के साथ सभी विद्वानों को सम्मानित किया। वरिष्ठ संयोजक मोहन बिष्ट, मेनका सक्सेना, यश भारती, ऋचा जोशी, प्रेम सिंह, हर्षिता बिष्ट, नीतिका सिंह, ट्विंकल नेगी, मधु नेगी, डॉ शशि राणा, अंजू नेगी, केसरी बिष्ट, लवली घिल्डियाल, आशू नौटियाल, मानसी बिष्ट, कमल गवाडी आदि उपस्थित रहे।