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विधायक मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए कस्टडी पेरोल पर रिहा करने का आदेश खारिज

दिल्ली उच्च न्यायालय ने निचली अदालत द्वारा विधायक मुख्तार अंसारी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में प्रचार के लिए कस्टडी पेरोल पर रिहा करने के फरवरी के आदेश को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश मुक्ता गुप्ता ने अंसारी के पेरोल को रद्द करने की निर्वाचन आयोग की याचिका को स्वीकृति प्रदान कर दी।  अंसारी उत्तर प्रदेश के मऊ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए हाल ही में बहुजन समाज पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। अदालत ने उन्हें प्रचार अभियान में हिस्सा लेने के लिए चार मार्च तक के लिए पेरोल पर रिहा करने की स्वीकृति दी थी। हालांकि उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग की याचिका पर विचार करते हुए  इस आदेश के पालन पर रोक लगा दी थी। इस आधार पर कि अंसारी भारतीय जनता पार्टी विधायक कृष्‍णानंद राय की 2005 में हुई हत्या मामले में गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं, निर्वाचन आयोग ने  उनका पेरोल रद्द करने की याचिका दायर की थी ।