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गुण्डा, माफ़िया की दम पर राजनीति करने वालों का राज बीते दिनों की बात : भाजपा जिलाध्यक्ष

अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस-


हरदोई जिले में कुल 19 क्षेत्र पंचायत हैं। सपा सरकार के दौरान हुए ब्लॉक प्रमुख चुनाव में सपा के कुल 15 प्रमुख निर्विरोध, तो 01 सीधे मुकाबले में जीता था। प्रमुख के 02 पद बसपा और 01 भाजपा समर्थित के हिस्से गए थे। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद 15 क्षेत्र पंचायतों की सत्ता में बदलाव निश्चित है। चूंकि, मल्लावां प्रमुख के पुत्र निवर्तमान बसपा विधायक बृजेश वर्म्स, साण्डी प्रमुख के जेठ एससी/एसटी कमीशन के पूर्व सदस्य पीके वर्मा और भरावन प्रमुख के पति अवध बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चन्दन लाल दीक्षित विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा के पाले में आ गए थे, लिहाजा इन जगहों पर कोई बदलाव होगा, गुंजाईश कम ही है। भरखनी में भाजपा का ही सिटिंग प्रमुख है।

बदलाव कुल 15 क्षेत्र पंचायतों की सत्ता में होना है। लेकिन, क्षेत्र पंचायत की सियासी शतरंज पर भाजपा जिस तरह बावन ब्लॉक में मोहरे बसने में फ्रंट-फुट पर दिख रही, बाकी जगह वैसी जल्दी में नहीं दिखती। इसके पीछे मुख्य वजह यही लगती है कि विधानसभा की 08 में 07 सीटें जीतने वाली भाजपा सदर सीट पर नज़दीकी मुकाबले में हार गई थी और सदर में आने वाले बावन की सत्ता पर क़ाबिज़ हो पार्टी विपक्षी खेमे में हड़कम्प मचाने का इरादा रखती है। अभी सपा राष्ट्रीय महासचिव/सांसद नरेश अग्रवाल के नज़दीकी धर्मेन्द्र सिंह बावन के प्रमुख हैं। उनसे पहले उनके ससुर लल्ला सिंह और सास सुमित्रा सिंह वहां की प्रमुख रह चुकी हैं। प्रमुख के पिछले चुनाव में सपा से समीर सिंह और धर्मेन्द्र सिंह का दावा था और तरजीह मिली थी धर्मेन्द्र को। इसके बाद ही समीर का मन खट्टा हो गया था और विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी राजाबक्स सिंह का खुलकर साथ दिया। भले ही परिणाम राजाबक्स के प्रतिकूल रहा, पर सूबे में जो तस्वीर बनी चुनाव बाद वो समीर के अनुकूल हो रही लगती है।

आज समीर सिंह के धर्मशाला रोड स्थित आवास पर बावन ब्लॉक डेवलपमेंट कौंसिल के सदस्यों की बैठक हुई। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण शास्त्री और राजाबक्स पहुंचे। शास्त्री ने कहा कि हरदोई जनपद में गुण्डा, माफ़िया की दम पर राजनीति करने वालों का राज बीते दिनों की बात है। सूबे में आदित्यनाथ योगी जैसे कर्मयोगी की सत्ता है और सबका साथ-सबका विकास की राजनीति होगी। कहा कि बीडीसी सदस्य गांवों के विकास की बुनियाद की ईंट है और प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ये धारणा पुख़्ता होगी। शास्त्री ने कहा कि बीडीसी सदस्य चाहते हैं कि ब्लॉक भ्रष्टाचारियों के चंगुल से मुक्त है और उनकी मंशा के अनुसार समीर सिंह को दायित्व देते हैं। कहा कि भाजपा संगठन और सरकार समीर के साथ है। बीडीसी सदस्यों को आश्वस्त किया कि किसी से आतंकित होने की ज़रूरत नहीं है, भाजपा संगठन हर वक़्त उनके साथ है।

समीर सिंह ने कहा कि ब्लॉक के 85 सदस्यों ने व्यवस्था परिवर्तन का मन बनाया है और सभी भाजपा की नीतियों व सिद्धांतों पर चलते हुए जनहित में काम करने को तैयार हैं। बैठक को भाजपा जिला उपाध्यक्ष आज़ाद भदौरिया और राजाबक्स सिंह ने भी सम्बोधित किया। भाजपा कार्यालय मन्त्री गौरव भदौरिया और सौरभ सिंह गौर मौजूद रहे। आज की बैठक में जिलाध्यक्ष के रुख़ से साफ़ है, बावन ब्लॉक की सियासत में समीर का गर्म झोंका आने वाला है, जिसमे 15 बरस की कब्जेदारी झुलसेगी। बावन के बाद जिन ब्लॉक की सियासत का पारा धीरे धीरे पीक पर जा रहा है, उनमे पिहानी और हरपालपुर हैं। पिहानी में पूर्व प्रमुख श्रवण बाजपेयी के पुत्र कुशी फ़्रण्ट पर आ चुके हैं। हरपालपुर में सदर सांसद अंशुल वर्मा का खेमा रणनीति बनाने में मशगूल है।