हे राम! देखिए कहाँ… माँ ने जीवित नवजात को फेंका

मातृ स्वरूप की दिव्यता को दर्शाने का यत्न

शाश्वत तिवारी :

लखनऊ : मां भगवती की भव्यता-दिव्यता की छाप पर राष्ट्रीय पुस्तक मेला समिति और लखनऊ पुस्तक मेला समिति की ओर से संयुक्त रूप से दूसरे चरण में आयोजनों में साफ दिखाई दे रही है। आयोजनों में बच्चे, युवा और महिलाओं के संग पुरुष भी उत्साहपूर्वक सहभागिता निभा रहे हैं।


पुस्तक मेला समिति की ऑनलाइन गतिविधियां

इंदौर की शशिकला व्यास ने अम्बिकापुर मंदिर की छवि के साथ अपनी गाई आरती को पोस्ट किया है। शवान्या ने काली सिद्धिपीठ दर्शन की छवि भेजी तो परमानन्द पाण्डेय ने स्कंदमाता की कथा को सबसे साझा किया कि माता को यह नाम क्यों मिला। इसी तरह अभिशेक राजपूत, राॅबिन, जागेशवरी, अनुपम श्रीवास्तव, विशाल, जाह्नवी, जीविका, शैलजा पाण्डेय, आकृति सक्सेना, यशा यादव, सुशमा अग्रवाल, निषांत तनिश्क, नीतू, प्रियम्वंदा कपूर, अक्षिता सिंह आदि ने अपनी-अपनी प्रविष्टियों में प्रतिभा को दर्शाया है। 

अपनी परम्परा, संस्कृति व साहित्य से नयी पीढ़ी को परिचित कराने के उद्देष्य से आयोजित इन प्रतियोगिताओ में नवरात्र पर इस क्रम में कल गणपति स्तुति-भजन, भक्ति गीतों पर नृत्य, डाण्डिया-गरबा नृत्य के अधिकतम दो मिनट के वीडियो आमंत्रित किये गये हैं।

प्रतियोगिताओं के बारे में मेला समिति के मनोज सिंह चंदेल ने बताया कि बच्चों गायन, वादन, नृत्य, पौराणिक कहानी , चित्रकला, फैंसी पारम्परिक ड्रेस आदि के साथ दूसरे चरण में नवरात्र पर कलश सज्जा, रंगोली, पकवान, देवीगीत व भजन गायन, परिधान के संग देवी रूप धारण इत्यादि की प्रतियोगिताएं सम्मिलित हैं। इन प्रतियोगिताओं में 5 से 10 वर्ष, 11 से 15 वर्ष व 16 से 20 वर्ष आयुवर्ग के बच्चों के संग ही हर आयुवर्ग की महिलाओं का महिला वर्ग भी शामिल किया गया है। प्रतियोगी प्रतियोगिताओं के बारे में मोबाइल नम्बर- 9415910781 में जानकारी ले सकते हैं। प्रतिभागियों को अपनी क्लिप फंक आर्ट बाई हार्ट या स्टूडेण्ट आर्ट बाई हार्ट फेसबुक पेज पर शेयर कर सकते हैं।

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