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नगर निकाय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वालों ने शुरू कर दी पेशबन्दी

बृजेश ‘कबीर’-


स्थानीय निकाय चुनाव नज़दीक आने के साथ अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने वालों ने पेशबन्दी शुरू कर दी है। केन्द्र और अब सूबे में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी में स्वाभाविक ही दावेदारों की लम्बी कतार है। हालांकि, पार्टी विधानसभा चुनाव की तरह ही निकाय चुनाव में भी जिताऊ चेहरे के फार्मूले पर चलती दिख रही है। भाजपा की ज़िला कार्यसमिति में गुपचुप विस्तार से भी इस तथ्य को बल मिलता है।

भाजपा सूत्रों के अनुसार ज़िला कार्यसमिति में 23 पदाधिकारी और 63 सदस्य हैं। समीर सिंह और पारुल दीक्षित को शामिल किए जाने के बाद कार्यसमिति के सदस्यों की संख्या 65 हो गई है। पारुल समाजवादी पार्टी के रिकॉर्ड 15 बार ज़िला उपाध्यक्ष और शॉर्ट टर्म प्रदेश सचिव रहे हैं। सपा में रहने के दौरान पारुल शिवपाल यादव खेमे में थे। प्रदेश अध्यक्ष बनने पर शिवपाल ने पारुल को सचिव बनाया था। सपा में उथल-पुथल के बाद शिवपाल अध्यक्ष पद से मुअत्तल हुए तो पारुल पर निष्कासन की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद विधानसभा चुनाव में पारुल ने भाजपा प्रत्याशियों के लिए कन्वेसिंग की थी।

समीर सिंह ने ब्लॉक प्रमुख के चुनाव में बावन प्रमुख के पद पर सपा से दावेदारी की थी। लेकिन, सपा राष्ट्रीय महासचिव/सांसद नरेश अग्रवाल की मेहरबानी से प्रमुख की कुर्सी धर्मेन्द्र सिंह को मिली थी। इसके बाद ही समीर का सपा से मन उचाट हो गया था। बावन क्षेत्र में ख़ासा असर और आधार रखने वाले समीर ने विधानसभा चुनाव में सदर से भाजपा प्रत्याशी राजाबक्स सिंह की मदद की। परिणाम में बावन इलाके से भाजपा को बढ़त भी मिली थी। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद समीर बावन प्रमुख धर्मेन्द्र सिंह की कुर्सी हिलाने की क़वायद कर रहे हैं।

बहरहाल, निकाय चुनाव नज़दीक है और हरदोई पालिकाध्यक्ष पद का आरक्षण सामान्य वर्ग के लिए होने पर भाजपा से पारुल की दावेदारी की चर्चा चल निकली। हालांकि, इस बीच उनके द्वारा भाजपा की सदस्यता लेने अथवा नहीं लेने को लेकर चर्चा का दौर भी रहा। लेकिन, भाजपा की ज़िला कार्यसमिति में उनके सदस्य बनने के बाद पार्टी की सदस्यता को लेकर सवालों पर विराम लग गया है। तो, पालिकाध्यक्ष पद पर उनकी दावेदारी को लेकर सवाल खड़े करने वालों की ज़ुबान पर ज़िप लग सकती है। फ़िलवक्त, समूचे घटनाक्रम से फिर ज़ाहिर हुआ है कि सियासत बीज या रेखा गणित का नहीं बल्कि शुद्ध तौर पर अंक गणित का खेल है।

-अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस