पीएमएवाई के लपेटे में जिले की तीन पूर्व बीडीओ

आवास योजना में एक ही परिवार को दो-दो बार आवास दिए जाने के मामले में जिले में तैनात रहे तीन पूर्व खंड विकास अधिकारियों उग्रसेन यादव, प्रभुदयाल और अनिमेष सक्सेना को आरोप पत्र जारी किए गए हैं। वहीं आरोपी ग्राम विकास अधिकारी के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं दो सेक्टर प्रभारी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की गई है।

मामला विकास खंड सुरसा के सुगवां से जुड़ा हुआ है। प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई ग्रामीण) में अपात्रों को चयनित किए जाने के मामले की जांच में खुलासा हुआ कि सुगवां में वित्तीय वर्ष 2010-11 से 2016-17 के मध्य 20 ऐसे परिवारों को आवास आबंटित किए गए हैं, जिन्हें इससे पहले भी योजना के तहत लाभांवित किया जा चुका है। जांच रिपोर्ट के आधार पर नोडल अधिकारी डीआरडीए-पीडी ने कार्रवाई शुरू की है। पूरी पड़ताल में ग्राम विकास अधिकारी अमित पांडेय को दोषी पाया गया। पीडी ने उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए डीडीओ से संस्तुति की है।

वहीं सुरसा में वर्ष 2010-11 में बीडीओ रहे और वर्तमान में शाहजहांपुर में डीडीओ के पद पर तैनात उग्रसेन यादव, वर्ष 2012 से 2016 तक बीडीओ रहे और वर्तमान में बुलंदशहर में मनरेगा डीसी के पद पर तैनात प्रभुदयाल और वर्ष 2016-17 में अतिरिक्त कार्यभार देखने वाले वर्तमान में शाहजहांपुर के जिला क्रीड़ा अधिकारी अनिमेष सक्सेना को पीडी की ओर से आरोप पत्र जारी किए गए हैं। पीडी राजेंद्र कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि आरोप पत्र डीडीओ के माध्यम से जारी किए गए हैं। जवाब आने के बाद उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।