सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

टीकमगढ़ का पुरानी टेहरी के बच्चों ने मान बढ़ाया

बहन बनी डिप्टी कलेक्टर तो भाई नायब तहसीलदार

टीकमगढ़- बुंदेलखंड का टीकमगढ़ वैसे भी प्रतिभाओं के लिए जाना जाता है। इस क्षेत्र को शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री भी मिला है । टीकमगढ़ नगर की होनहार अंकिता त्रिपाठी ने एमपी पीएससी के वर्ष 2015 के घोषित परिणाम में टॉप कर जिले का नाम गौरवांवित किया है। नगर के भारत भूषण त्रिपाठी गुरु की पुत्री और प्रख्यात साहित्यकार केपी त्रिपाठी की नातिन ने जहां पीएससी में टॉप किया, वहीं मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा में अंकिता के भाई ललित त्रिपाठी ने भी पास होकर नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए । प्रतिभाओं की कामयाबी पर बधाई देने वालों का सिलसिला लगातार बना हुआ है।
बचपन से ही अंकिता ने होनहार बिरवान के होत चीकने पात लोकोक्ति को चरितार्थ किया । प्राईमरी शिक्षा ग्रहण करने के बाद अंकिता ने सरोज कान्वेंट स्कूल से इंटर पास किया। मेहनती छात्रा अंकिता के सपने भी ऊंचे थे। वह कलेक्टर बनना चाहती थी । आखिर उसने डिप्टी कलेक्टर बन कर अपने सपने को साकार करने की ओर मजबूत कदम बढ़ा दिेेए हैं । अंकिता के पितामह केपी त्रिपाठी कहते है कि आज वह बेहद खुश हैं । उनका कहना है कि नगर में बेहतर शिक्षा के साधन न होने से अंकिता कभी कभी उदास हो जाती थी । वह पढ़ऩे के लिए भोपाल और दिल्ली गयी । 28 वर्षीय अंकिता इसके पूर्व वर्ष 2014 में भी पीएससी परीक्षा में शामिल हुई थी । उस समय उनका चयन आबकारी अधिकारी के रूप में हुआ था ।उसने लगन के साथ परिश्रम जारी रखा। वर्ष 2015 में उसने पुनः पीएससी की परीक्षा दी। परीक्षा परिणाम मेहनत के अनुकूल आया और वह डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुयीं । जहांँ एक ओर अंकिता ने म.प्र. में टॉप किया। वहीं भाई ललित त्रिपाठी ने पीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर नायब तहसीलदार के पद पर चयनित हुए। दोहरी खुशी पर पुरानी टेहरीवासियों सहित नगर के लोगों में खुशी और जश्न का माहौल है।