स्वर्गीय अरुण जेटली को भावभीनी श्रद्धांजलि

विजय कुमार, अझुवा कौशाम्बी-

दिवंगत जेटली जी को स्मरण करता हूं तो आंखे नम हो जाती हैं वह न सिर्फ एक कुशल वक्ता, अधिवक्ता और राजनेता थे अपितु उन्होने मां भारती के हित के लिए पूरी निष्ठा से निरंतर सेवा की। वह एक दृढ़ निश्चयी व्यक्ति थे जो देशहित मे विषम निर्णय लेने से भी कभी पीछे नहीं हटे।

इतना ही नहीं वह मानवीय संवेदनाओं से परिपूर्ण व्यक्ति थे उनका स्वभाव ऐसा था कि उन्होने कभी अपने और अपने सेवकों के बच्चों मे भेद नही किया तथा उनके उत्तम भविष्य के लिए उन्हें उसी स्कूल मे शिक्षा दिलाई जहां उनके बच्चे पढ़ते थे।

आज के जनप्रतिनिधियों एवं राजनेताओं को उनके मानवीय स्वभाव से सीख लेनी चाहिए। वह कठिन से कठिन बात को हमेशा मुस्कुराते हुए सहज भाव मे बोल जाते थे।उनका वह मुस्कुराता हुआ चेहरा ताउम्र आंखों के सामने तैरता रहेगा। ईश्वर आपको मां भारती की सेवा के लिए बारंबार भारत भूमि पर अवतरित करें।

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