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ट्वीट-प्रमुख ने ‘संबित पात्रा’ को नंगा किया!

आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

‘मुक्त मीडिया’ का ‘आज’ का सम्पादकीय

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

भारतीय जनता पार्टी और ‘न्यू इण्डिया की मोदी-सरकार का दलाल संबित पात्रा ने १८ मई को एक ट्वीट किया था, जिसमें उसने काँग्रेस पर आरोप लगाया था कि काँग्रेस एक ‘टूल किट’ के माध्यम से ‘कोविड-१९’ महामारी को लेकर नरेन्द्र मोदी की छवि धूमिल करने का काम कर रही है।

वह बुद्धिजीवियों की सहायता से मोदी के विरुद्ध वातावरण तैयार कर रही है। ज्ञातव्य है कि ‘टूल किट’ उसे कहते हैं, जिसमें अपने अभियान को गति देने के लिए विन्दुश: (‘बिन्दुश:’ शब्द अशुद्ध है।) विषय की व्यवस्था रहती है। वैचारिक अभियान को मारक बनाने और विरोधियों को बदनाम करने के लिए इसी को माध्यम बनाया जाता है। स्मरणीय है कि ऐतिहासिक ‘किसान-आन्दोलन’ के सन्दर्भ में भी एक ‘टूल किट’ प्रचारित किया गया था।

उस विवादित ट्वीट पर ‘ट्वीटर’ ने स्पष्ट शब्दों में कहा है– संबित पात्रा की ओर से जो ट्वीट किया गया है, वह ‘तथ्य’ से परे है। संबित ने काँग्रेस को बदनाम करने के लिए ट्वीट किया है। ट्वीट-प्रमुख ने संबित के लिए कहा है– संबित का ट्वीट ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ के अन्तर्गत आता है। इस प्रकार अब ट्वीट-प्रमुख ने संबित के ट्वीट को ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ के अन्तर्गत चिह्नित कर दिया है। इसे लेकर मोदी-सरकार संबित के पक्ष में आ खड़ी हुई है। कथित सरकार ने कहा है– मोदी-सरकार विवादास्पद ट्वीट की जाँच कर रही है, इसलिए ट्वीटर को जाँच करने का अधिकार नहीं है। उल्लेखनीय है कि ट्वीटर अपने नियम के अन्तर्गत अविश्वसनीय स्रोत, ग़लत जानकारी, मूल सामग्री का सम्पादन तथा उसके साथ छेड़छाड़ करके यदि कोई व्यक्ति ‘ट्वीट’ करता है तो ट्वीटर को यह अधिकार है कि वह उस व्यक्ति के ‘ट्वीट’ अथवा चित्र अथवा किसी भी विषय को ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ के रूप में चिह्नित कर ले। वह ‘खाता’ (एकाउण्ट) को निरस्त भी कर सकता है, जबकि मोदी-सरकार ने ट्वीटर के अधिकारक्षेत्र को चुनौती दी है। मोदी-सरकार यह भूल जाती है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में राष्ट्रपति-चुनाव के समय ट्वीटर ने डोनाल्ड ट्रम्प के कई आपत्तिजनक और निराधार ट्वीट पर ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ का चिह्न लगा दिया था और विवाद बढ़ने पर ट्रम्प का खाता ही निरस्त कर दिया था। यही ‘मैनिपुलेटेड मीडिया चिह्नांकन’ की अवधारणा है। इस प्रकार मोदी-सरकार ने एक प्रकार से ट्वीटर के अधिकारक्षेत्र में हस्तक्षेप करते हुए, अनधिकृत रूप से चुनौती दे डाली है। मोदी-सरकार ने ट्वीटर को उक्त आपत्तिजनक चिह्नांकन को हटाने के लिए कठोर शब्दों में कहा है और यह भी कहा है कि ट्वीटर ने पूर्वग्रह (यहाँ ‘पूर्वाग्रह’ शब्द का प्रयोग अशुद्ध है।) के आधार पर ऐसा कृत्य किया है।

यह सभी जानते हैं कि मोदी-सरकार अपने बड़बड़िया और उद्धत प्रवक्ता संबित पात्रा को बचाना चाहती है और संबित के नीचतापूर्ण ट्वीट के लिए अपनी सरकार की देश-विदेश में हो रही किरकिरी से भी बचना चाहती है। काँग्रेस ने भी भारतीय जनता पार्टी और मोदी-सरकार के विरुद्ध मोर्चा सँभाल ली है। उसने उक्त ‘टूल किट’ के प्रकरण को भारतीय जनता पार्टी और मोदी-सरकार की ओर से रची गयी साज़िश बताते हुए, संबित पात्रा, भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष जयप्रकाश नड्डा, बी० एल० संतोष, स्मृति ईरानी तथा भारतीय जनता पार्टी के अन्य कई नेताओं के विरुद्ध थाने में शिकायत दर्ज़ करायी है।

ज्ञातव्य है कि संबित पात्रा ने का ट्वीट किया है कि काँग्रेस ने अपने कार्यकर्त्ताओं से कहा है :–
● मोदी-सरकार को बदनाम करने के लिए उसके धर्म-विशेष को लक्ष्य करते हुए, ‘सुपर स्प्रेडर कुम्भ’ (व्यापक स्तर पर संक्रमण फैलाने का माध्यम) और विषाणु के ‘म्युटेण्ट स्ट्रेन’ के लिए ‘मोदी स्ट्रेन’ जैसे शब्दों को ‘मुक्त मीडिया’ (सोसल मीडिया) पर फैला दो; परन्तु ‘ईद’ को ‘हैप्पी सोसल गैदरिंग’ की तरह प्रचार करो।
● ‘लापता’ अमित शाह, ‘क्वारण्टीन’ जयशंकर, ‘साइड-लाइन’ राजनाथ सिंह, तथा ‘असंवेदनशील’ निर्मला सीतारमण जैसे शब्दों को प्रचारित कर दो।
● जो लोग कोरोना से मरे हैं, उनकी लाश को देश-विदेश में दिखाओ।
● नरेन्द्र मोदी को जितना बदनाम कर सको, करो।
● यह प्रचार करो कि देश में ऑक्सीजन, वेण्टिलेटर, वैक्सिन उपलब्ध कराने में मोदी-सरकार असफल रही है।

इसको लेकर ‘ट्वीटर’ ने अधिकृत रूप से कहा है कि संबित का ट्वीट ‘तथ्यात्मक’ नहीं है।

संबित पात्रा के इस कुकृत्य से देश-विदेश में नरेन्द्र मोदी की जो थोड़ी-बहुत छवि बनी हुई थी, वह भी धुल चुकी है।

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; २३ मई, २०२१ ईसवी।)