कछला नगर पंचायत की गोशाला में चारा खाने के बाद अचानक गोवंशों की हालत बिगड़ी, एक-एक कर 22 गोवंशों ने तोड़ा दम

कछला नगर पंचायत की गोशाला में कासगंज से आया चारा खाने के बाद रविवार रात अचानक गोवंशों की हालत बिगड़ गई। देखते ही देखते एक-एक कर 22 गोवंशों ने दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी होते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया । डीएम-एसएसपी के साथ पशु चिकित्सा विभाग की चार टीमें मौके पर पहुंच गईं। 54 गायों का इलाज किया जा रहा है। पुलिस गोशाला के दोनों केयर टेकर को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है।

नगर पंचायत की इस गोशाला में 76 गोवंश हैं। गायों के लिए हरा चारा कासगंज से आता है। रविवार रात करीब आठ बजे गायों को चारा डाला गया और उसके एक घंटे बाद गायों की हालत बिगड़नी शुरू हो गई। गायों के अचानक पेट फूलकर मौत होने लगी।

इसकी सूचना मिलते ही डीएम दिनेश कुमार सिंह, एसएसपी अशोक कुमार त्रिपाठी गोशाला पहुंच गए। वहीं मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एके जौदान के नेतृत्व में उझानी, कछला, मुख्यालय समेत चार टीमें डॉक्टरों की पहुंच गई। जिन्होंने गायों का उपचार शुरू कर दिया। घटना की जानकारी हाते ही कस्बे की भीड़ मौके पर एकत्र हो गई है ।
पुलिस ने गोशाला के केयर टेकर कछला वार्ड संख्या आठ निवासी मूलचंद्र व लेखराज को हिरासत में ले लिया है । डीएम-एसएसपी ने गायों को खिलाया गया चारा का सैंपल भरवाया है। वहीं रातोंरात ही गायों के पोस्टमार्टम का आदेश दिया है। वहीं गायों की मौत के मामले की सूचना के बारे में डीएम ने शासन को अवगत करा दिया है, गायों की कैसे मौत हुई इसकी जांच हो रही है।

रातभर होता रहा गोवंशों का इलाज

डीएम दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि देररात पता चला कछला गौशाला में गायों की मौत हुई है। तत्काल मौके पर पहुंचकर उपचार कार्य शुरू करा दिया है, सीवीओ सहित चार टीमों को लगा दिया है, उपचार चल रहा है। 75 गोवंशों का पालन-पोषण हो रहा था, जिसमें अब तक 22 गोवंशों की मौत हो गई है। चारा का सैंपल भरवाया है, जांच कराई जा रही है आखिर एकदम गायों की मौत क्यों हुई है। जहां से चारा आया है उसको लेकर भी पूछताछ जारी है।

…तो पेट फूलने से हुई गायों की मौत

देररात पहुंची पशु पालन विभाग के डाक्टरों की टीम ने गायों का उपचार किया तो डाक्टरों की टीम ने बताया कि गायों की मौत पेट फूलने से हुई है। जो गाय मरी थीं उन सभी के पेट इतने ज्यादा फूल गए थे, जो गायों के लिए मौत का कारण बन गया। चारा में गायों ने ऐसा क्या खा लिया कि गायों का इतना ज्यादा पेट फूल गया और मौत हो गई।

कासगंज जिले के सोरों से हरा चारा में आया था बाजरा

कछला गौशाला की गायों के लिए रोजाना कर्मचारी कासगंज जिले के सोरों से चारा लेकर आते हैं। रविवार को भी चारा सोरों निवासी मोनू के यहां से हजार चारा लगाया गया। रात को गोशाला में मौजूद लोगों द्वारा बताया गया कि कासगंज के सोरों से गायों को हरा चारा में बाजरा का चारा लाया गया था, जो गायों के लिए खिलाया गया। इस चारा को लेकर पुलिस व प्रशासन एवं पशुपालन टीम आशंका जता रही है कि कहीं चारा में तो ऐसी कोई कीटनाशक नहीं जिससे गायों की मौत हुई हो।

गायों के मुंह से निकली हरी लार का लिया गया सैंपल

कछला गोशाला में 22 गायों की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम-एसएसपी ने अपने सामने मौके पर ही सैंपल भरवाया है। जिसमें गायों की नांद एवं टब में रखे चारा का सैंपल भरवाया है। वहीं मरी हुई गायों के मुंह से निकली हरी लार का सैंपल लिया गया है। इसके अलावा गायों के गोबर व पेशाब का भी सैंपल लिया गया। जिसकी लैब से जांच कराई जाएगी। जिससे पता चल सके गायों की मौत कैसे हुई।

फरवरी में खोली गई थी गोशाला

नगर पंचायत कछला में गोशाला सरकार के निर्देश के बाद खोली गई थी। डीएम के निर्देशन में नगर पंचायत ने गोशाला तैयार की थी और इधर-उधर छुट्टा घूमने वाली गायों को गोशाला में रखा था। फरवरी से अब तक गोशाला में गायों की संख्या 76 पर पहुंच गई थी।

इन पर थी गोशाला की जिम्मेदारी

नगर पंचायत की गोशाला की जिम्मेदारी दो कर्मचारियों पर थी और तीसरे मॉनीट्रिंग करते थे। रविवार को घटना के दौरान पता चला कि कछला के वार्ड नंबर आठ निवासी नेक्सू और मूलचंद गायों की रखवाली करते थे तथा चारा लाते थे। जिसमें इन सबके कार्य की मॉनीट्रिंग लेखराज करते थे।

टैंकर का चेक कराया गया पानी

कछला नगर पंचायत में बनी गोशाला में गायों का पानी नगर पंचायत के टैंकर से पिलाया जाता है। नगर पंचायत का टैंकर है जो रोजाना नगर पंचायत से भरकर ले जाया जाता है। इसके बाद यहां गायों को पानी पिलाया जाता है। रविवार की रात को गायों की इतना ज्यादा संख्या में मौत हो गई तो डीएम-एसएसपी ने टैंकर का पानी भी चेक कराया है। वहीं टैंकर के पानी का सैंपल कराया है।

तीन महीने पहले हुई थी कर्मचारियों की तैनाती

कछला की नगर पंचायत में गोशाला है, जिसमें पल रही गायों की देखभाल के लिए नगर पंचायत ने दो कर्मचारियों को रखा था। इन कर्मचारियों की तैनाती बताया जा रहा है तीन महीने पहले ही की गई है। जिनके द्वारा रोजाना चारा खिलाया जाता है तथा उनकी देखभाल की जाती है ।

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