सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

ट्रेन से दो बहनों का कटना, आत्महत्या, हादसा या साजिश

देखना ये रहेगा कि पुलिस की जांच इस घटना को आत्महत्या की सूरत देती है या हादसे की शक़्ल ?

राहुल मिश्रा अल्तू-


बघौली थाना क्षेत्र के दौलतपुर गांव में रेल ट्रैक पर कल रात दो सगी बहनों के बदन की धज्जियां उड़ गईं कथित तौर पर ट्रेन की चपेट में आकर। परिजनों ने बताया कि खेत की रखवाली कर रहे बाबा को खाना देकर लौट रहीं पोतियां ट्रेन की चपेट में आ गईं। लेकिन, ये पूरा सच नहीं है। पूजा और सरिता बाबा पुत्तूलाल को खेत पर खाना देने गई थीं और लौटकर घर भी आ गईं थीं। फिर, दोनों रेल ट्रैक पर कैसे पहुंचीं ??? …पुलिस इस बिन्दु पर ईमानदार जांच करे तो मुमकिन है सच्चाई सामने आ सके।

सरिता के जन्म के बाद गुजर गई थी मां
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पूजा (17) और सरिता (15) गिरिजा शंकर की पहली पत्नी की बेटियां थीं। इन दोनों से बड़ी एक और बेटी अनुराधा का ब्याह हो चुका है। सरिता के पैदा होने के बाद उसकी मां गुजर गई थीं। इसके बाद गिरिजा ने रजनी से ब्याह कर लिया, जिससे 03 बेटे और 02 बेटियां हैं। पूजा ने इण्टर मीडिएट और सरिता ने आठवीं की परीक्षा दी थी इस बरस।

सौतेली मां और सगा बाप करते थे ज़ुल्म
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गांव वालों से बातचीत में पता चला कि गिरिजा नशे का आदी है। गांव में टिंचर का इस्तेमाल धड़ल्ले से होता है और गिरिजा भी खूब पीता है। बताया गया कि पूजा और सरिता से मारपीट आए दिन की बात थी। कल रजनी के बेटे मानू (05) का मुण्डन संस्कार था। बताते हैं, गिरिजा ने रिश्तेदारों के सामने ही पूजा और सरिता को ना केवल पीटा, बल्कि गांव से बाहर छोड़ आया था। हालांकि, कुछ देर बाद दोनों घर लौट आईं थीं।

रात को भी हुई दोनों की पिटाई
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कल रात 08 बजे पूजा और सरिता खेत की रखवाली कर रहे बाबा पुत्तूलाल को खाना देकर घर लौटीं। बताते हैं, देरी से आने की बात कहते हुए और चारित्रिक आरोप लगाते हुए गिरिजा ने दोनों को पीटा था। इसके बाद आज सुबह 07 बजे रेलवे के की-मैन ने ट्रैक पर दोनों की क्षत-विक्षत लाशें देखीं और गेट नम्बर 270 के गेट-मैन जगदीश को सूचित किया। जगदीश ने नज़दीकी स्टेशन करना के स्टेशन मास्टर को सूचना दी।

रेलवे की सूचना पर पहुंचे एसओ बघौली
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इतनी बड़ी घटना के बाद भी गिरिजा शंकर ने पुलिस को सूचना नहीं दी। इलाकाई थाने बघौली के स्टेशन अफ़सर राकेश कुमार सिंह रेलवे की सूचना पर मौके पर पहुंचे। उन्होंने आत्महत्या और हादसे के बिन्दु पर जांच की बात कही है।

गिरिजा और रजनी के चेहरे पर शिकन तक नहीं
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इतनी बड़ी घटना के बाद भी पूजा और सरिता के पिता गिरिजा शंकर और सौतेली मां रजनी के चेहरे सपाट थे। दोनों के चेहरों पर शिकन तक नहीं थी। बहरहाल, बघौली पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

…और, देखना ये रहेगा कि पुलिस की जांच इस घटना को आत्महत्या की सूरत देती है …या हादसे की शक़्ल ??? …लेकिन, बाबा को खाना देने के बाद घर लौट आईं पूजा और सरिता फिर रेल ट्रैक कैसे पहुंच गईं, सवाल ये मुंह बाए रहेगा।

-अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस