सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

रोडमैप 2030 पर फोकस : यूके ने की जी20 अध्यक्ष “भारत” की प्राथमिकताओं की सराहना

भारत और ब्रिटेन ने दोनों देशों के भविष्य के संबंधों को लेकर ‘रोडमैप 2030’ को लागू किये जाने की दिशा में हुई प्रगति सहित रक्षा, कारोबार, आर्थिक सहयोग, लोगों के बीच सम्पर्क, स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन सहित द्विपक्षीय संबंधों के विविध आयामों पर चर्चा और जानकारी के लिए 15वां भारत-यूके विदेश कार्यालय परामर्श (FOC) नई दिल्ली में आयोजित किया गया। जिसमे भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने किया। इससे पहले पिछला FOC नवंबर 2020 में लंदन में आयोजित किया गया था।

भारत और यूके ने आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया, जिसमें अफगानिस्तान, यूक्रेन, इंडो-पैसिफिक, राष्ट्रमंडल और संयुक्त राष्ट्र शामिल हैं। यूके ने 2021-22 में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक गैर-स्थायी सदस्य के रूप में भारत के योगदान की सराहना की और यूएनएससी सुधारों के लिए अपना समर्थन दोहराया। यूके ने इस वर्ष जी20 के अध्यक्ष के रूप में भारत की प्राथमिकताओं की सराहना भी की।

विदेश मंत्री एसo जयशंकर ने मुलाकात के बाद ट्वीट किया, ‘आज सुबह ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास मामलों के उप मंत्री फिलिप आर बार्टन से मुलाकात की।’ विदेश मंत्री ने कहा हमने रोडमैप 2030 पर प्रगति और वैश्विक मुद्दों सहित हमारे द्विपक्षीय संबंधों को प्रगाढ़ बनाने के बारे में चर्चा की। वहीं बार्टन ने अपने ट्वीट में जयशंकर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि भारत को G20 समूह की अध्यक्षता के लिये एक बार फिर बधाई। उन्होंने कहा ब्रिटेन दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों से निपटने में आपके साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।

मंत्रालय के अनुसार भारत और ब्रिटेन के बीच समग्र सामरिक गठजोड़ है और दोनों देशों ने भविष्य के संबंधों को लेकर ‘रोडमैप 2030’ को अंगीकार किया है। विदेश कार्यालय स्तरीय विचार विमर्श बैठक में ‘रोडमैप 2030’ को लागू करने को लेकर हुई प्रगति की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने कारोबार एवं आर्थिक सहयोग, रक्षा एवं सुरक्षा, विज्ञान प्रौद्योगिकी, लोगों से लोगों के बीच संबंधों, स्वास्थ्य एवं जलवायु परिवर्तन जैसे क्षेत्रों में सहयोग के मुद्दे पर चर्चा भी की।

(रिपोर्ट: शाश्वत तिवारी)