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अमेठी में आबकारी विभाग पर लगा छापेमारी के दौरान जबरन वसूली का आरोप

Corruption Feature IV24

जनपद अमेठी में योगी सरकार का आबकारी विभाग आज चर्चा का विषय बन गया है। आबकारी विभाग का एक दल लावलश्कर के साथ जामो थाना क्षेत्र के राजामऊ गांव मे अवैध शराब का जखीरा पकडने गया, मौके पर दो चार लोगो को गिरफ्तार भी कर लिया ,कई घरों की तलाशी भी ली गयी। चश्मदीदों की माने तो जिनके घर कोई ना मिला उनके घरों के ताले तोड कर घर में घुस कर छानबीन करने लगे।

दबंग फिल्म कि स्टाइल में आबकारी विभाग की टीम ने राजामऊ गांव जहां जगजाहिर तरीके से अवैध शराब बनाई जाती है उस गांव में छापा तो मारा लेकिन सूत्रों की माने तो पैसों पर नजर पड़ते ही अपराध ना तो अपराध रहा और अपराधी ना ही अपराधी।

ग्रामवासियों के साथ गांव के प्रधान ने भी आबकारी विभाग की टीम पर यह आरोप लगाया की छापेमारी के दौरान लोगों को पहले पकड़ लिया गया फिर पैसे लेकर छोड़ दिया गया। आरोप तो यहां तक लगे की घर में रक्खे एक हजार रुपए भी उठा ले गए। जिसको लेकर गांव के लोगों में आक्रोश है।

  अब सवाल ये भी है कि इतने समय से जगजाहिर तरीके से किसके शह पर ये शराब बनाई जा रही थी और इसपर आजतक कोई कार्यवाही क्यूं नहीं हुई इस बारे में जब गांव के प्रधान सियाराम पासी जोकि स्थानीय विधायक और मंत्री सुरेश पासी के नजदीकी रिश्तेदार है से बात की तो पता चला अवैध तरीके से शराब तो पुलिस और प्रधान के संज्ञान में चल रही है। प्रधान ने निडर होकर अपने अपराध पे मिट्टी डालते हुए ये कह पल्ला झाड़ लिया की "मैं तो शराब बनाने को माना ही करता हूं लेकिन मेरी सुनता ही कौन है। आपको यह भी बताते चलें कि मंत्री सुरेश पासी के ऊपर भी फर्जी तरीके से बैनामा करवा के जमीन कब्जा करने का आरोप पहले एक विधवा महिला द्वारा लगाया जा चुका है

अमेठी से मनोज कुमार शुक्ला की रिपोर्ट