अहिंसा का पाठ पढकर हिंसा पर उतर आये भाजपाई

आज पूरा देश 2 अक्टूबर के चलते जहां गांधी जी की जयंती मना कर अहिंसा के पथ पर चलने का संकल्प ले रहा था वहीं हरदोई की शाहाबाद नगरपालिका के चुनाव में अध्यक्ष पद के संभावित उम्मीदवार आपस में मारपीट और जूतमपैजार पर उतर आए। दोनों ओर से असलह लहराए गए गाली गलौज  और मारपीट हुई। डाक बंगले के  हुए हिंसा के मामले को भाजपा के कार्यकर्ता मूकदर्शक बने देखते रहे । किसी की जरूरत महसूस नही की मारपीट करने वाले नेताओं के बीच मामला शांत करा दें।
शाहाबाद में स्वछता अभियान को जब भाजपा की स्थानीय विधायिका रजनी तिवारी झंडी दिखाकर चली गयी उसके बाद ही दो पक्ष भिड़ गए।भारतीय जनता युवा मोर्चा के नगर अध्यक्ष पवन रस्तोगी और पार्टी की जिला मंत्री राधा त्रिपाठी के पति विवेक त्रिपाठी उर्फ गोपाल के बीच मामूली कहासुनी को लेकर डाक बंगले में जूतमपैजार शुरू हो गई। दोनों ओर से गाली गलौज  और मारपीट का कार्यक्रम काफी देर तक चलता रहा।  दोनों ओर से असलहे निकाल लेने एवं फायर करने के आरोप लगाए गए हैं । घटना को अंजाम देने के बाद दोनों भाजपा नेताओं ने शाहाबाद कोतवाली जाकर एक दूसरे के खिलाफ प्रार्थना पत्र भी दिए हैं। लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की। फिलहाल जो कुछ भी रहा हो लेकिन नगरपालिका चुनावों के नजदीक आने के मौके पर अध्यक्ष पद के दो संभावित उम्मीदवारों में टिकट को लेकर अंदर ही अंदर गुस्सा था।  दोनों पक्ष के लोग भाजपा टिकट के प्रबल दावेदार माने जाते हैं। बताया जाता है कहीं ना कहीं यही प्रबल दावेदार  इस मारपीट का कारण बनी है । गोपाल त्रिपाठी की ओर से कोतवाली में पूर्व ब्लाक प्रमुख रामनाथ त्रिपाठी अपने लाव लश्कर के साथ मौजूद रहे।फिलहाल इस मारपीट की घटना से भाजपा की काफी किरकिरी हुई है और पूरे शहर की आंखें इस प्रकरण पर लगी हुई है।