बलात्कारी विधायक को उत्तरप्रदेश की सरकार बचाने में क्यों लगी है?

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय
(प्रख्यात भाषाविद्-समीक्षक)

डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय


उत्तरप्रदेश की सरकार चलानेवालों को धिक्कारने के लिए कोई शब्द नहीं है! आदित्यनाथ योगी स्वयं को योगी कहते हैं; भारतीय जनता पार्टी के शीर्ष नेता नरेन्द्र मोदी “बेटी बचाओ” की जुगाली कर रहे हैं, जबकि उत्तरप्रदेश में भारतीय जनता पार्टी का विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने उन्नाव (उत्तरप्रदेश) में ‘देश की एक बेटी’ के साथ बलप्रयोग कर, सामूहिक शारीरिक दुष्कर्म कराकर मोदी-योगी का घिनौना चेहरा सामने लाकर रख दिया है।
आज स्थिति यह है कि सर्वाधिक अपराधी विधायक यदि किसी दल में हैं तो वह है, ‘भारतीय जनता पार्टी’। बलात्कार-पीड़िता ने आदित्यनाथ योगी को उनके पास जाकर आपबीती बतायी थी। इतना ही नहीं, आत्महत्या करने का असफल प्रयास भी किया था, परन्तु योगी मात्र आश्वासन देते रहे। वे चाहते तो तत्काल कार्रवाई करने का ईमानदार आदेश जारी कर भी सकते थे, परन्तु उन्होंने वैसा नहीं किया और कथित विधायक और उसके गुण्डे मनबढ़ हो गये। इससे सुस्पष्ट हो जाता है कि बलात्कार के आरोपित कुलदीप सिंह सेंगर को उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ योगी बचा रहे हैं। यदि सही समय पर योगी ने उक्त प्रकरण को गम्भीरता से लिया होता तो पीड़िता के पिता पप्पू सिंह की हत्या नहीं की जाती। शर्म करो-शर्म करो-शर्म करो! कारागार में जीवन-मृत्यु के साथ संघर्ष कर रहे उस पीड़िता के पिता के अँगूठे का निशान सादे काग़जात पर पुलिसकर्मी लगवा रहे थे, जिसका वीडियो भी अब प्रसारित हो रहा है।
“सबको रोको, सबको मना करो और चुप बैठो। जो हो गया, उसे भूल जाओ। अब हम एक नया अध्याय शुरू करूँगा।”— कुलदीप सिंह सेंगर का यह वीडियो जारी हो चुका है।
अरुण सिंह, विनोद मिश्र, शुभम आदिक कई लोग वांछित अपराधी हैं, जो भागे हुए हैं। यदि वे भगोड़े निर्दोष रहते तो घर छोड़कर भागे क्यों हैं?
इस आघात से पीड़िता का सारा परिवार प्रभावित है। मृतक पप्पू सिंह की माँ की हालत गम्भीर हो गयी है और उन्हें ज़िला हस्पताल ले जाया गया है।
इससे अधिक शर्मनाक बात और क्या हो सकती है जून, २०१७ ई० की घटना का उत्तरप्रदेश की सरकार के मालिक आदित्यनाथ योगी ने संज्ञान तक नहीं लिया था , जिसका परिणाम है कि आज भारतीय जनता पार्टी का आरोपित बलात्कारी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर सीना फुलाये बेहया की तरह से हँसते हुए घूम रहा है। वह चेहरे से ही शातिर लग रहा है। एस०आई०टी० जाँच की घोषणा करने के बाद अभी तक बलात्कार के कथित आरोपित विधायक के विरुद्ध अभी तक आरोप-सम्बन्धित कोई जाँच नहीं की गयी है। कुलदीप का भाई अतुल सिंह सेंगर को पीड़िता के पिता की हत्या के आरोप में गिरिफ़्तार कर ख़ानापूर्ति कर ली गयी है। चुपके से ५ मिनिट के भीतर अतुल सिंह सेंगर की मेडिकल जाँच हसनगंज सीएच०सी० में डॉ० गौरव से कराकर कर ली गयी है।
आज पीड़िता चिल्ला-चिल्लाकर कह रही है : कुलदीप सेंगर ने मेरे साथ बलात्कार किया है। हम अपने गाँव नहीं जायेंगे, नहीं तो ये हमें मरवा डालेंगे।” परन्तु सरकार का ग़ुलाम पुलिस-प्रशासन ने एफ०आई०आर० तक नहीं लिखा और बिना एफ०आई०आर० के एस०आई०टी० गठित करा दी है।
..अरे सरकार चलानेवालो!’अपने राम’ से डरो। पुलिस-प्रशासन इतना बेशर्म कि उलटे उस पीड़िता के चाचा और पिता के विरुद्ध ‘एफ०आई०आर०’ दर्ज़ कर लिये!..?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के पिता के शरीर पर चोट के १४ निशान पाये गये हैं। आँत फट जाने के कारण पीड़िता के पिता कई मृत्यु हुई थी।
भारतीय जनता पार्टी की निर्लज्ज प्रवक्त्री शाइना एनसी और प्रवकता राकेश त्रिपाठी अपनी सरकार का पक्ष ले रहे हैं। यदि वह बलात्कार-पीड़िता उनकी बहन-बेटी होती तो शाइना और राकेश क्या कहते?
आदित्यनाथ योगी ने चुनावी सभा में घोषणा की थी : हमारी सरकार नारी का सम्मान करेगी। किसी भी अपराध के मामले में भारतीय जनता पार्टी की सरकार ‘ज़ीरो टालरेंस’ पर काम करेगी।
भारतीय जनता पार्टी का विधायक कुलदीप सेंगर बलात्कार का आरोपित है। पीड़िता के चाचा को विधायक कुलदीप सिंह सेंगर ने खुली धमकी दी थी; पुलिस से मारा-पिटवाया और आघात लग जाने से उसके पिता की शोचनीय स्थिति हो गयी। इतना ही नहीं, उत्तरप्रदेश-सरकार चलानेवालों के प्रभाव के कारण उसके निर्दोष पिता की गिरिफ़्तारी करा दी गयी और एक दिन कारागार में हत्या करा दी गयी।
अब उच्च न्यायालय, इलाहाबाद ने स्वत: संज्ञान लेकर उत्तरप्रदेश-सरकार से घटना की सारी रिपोर्ट माँगी है।
(सर्वाधिकार सुरक्षित : डॉ० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, इलाहाबाद; ११ अप्रैल, २०१८ ई०)

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