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अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मदद के बिना गिलगित बाल्टिस्तान में मानवाधिकारों के हनन पर रोक नहीं लगायी जा सकती

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के सीमावर्ती गिलगित बाल्टिस्तान से अमरीका में रह रहे एक कार्यकर्ता ने मांग की है कि इस क्षेत्र में तथ्यों का पता लगाने के लिए संयुक्त राष्ट्र का एक मिशन भेजा जाए जो कारागार में बंद असंतुष्ट कार्यकर्ताओं के हालात का जायजा ले सके। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान गिलगित बाल्टिस्तान को एक उपनिवेश और पृथ्क भौगोलिक क्षेत्र की तरह देखता है।

गिलगित बाल्टिस्तान में लोकतंत्र आंदोलन के अध्यक्ष सांगे सेरिंग ने वॉशिंगटन में आयोजित 24वें वियतनाम मानवाधिकार दिवस के अवसर पर अमरीकी संसद सदस्यों और मानवाधिकार विशेषज्ञों के एक समूह को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय की मदद के बिना गिलगित बाल्टिस्तान में मानवाधिकारों के हनन पर रोक नहीं लगायी जा सकती है।