सई नदी की करुण कथा : पौराणिक और ऐतिहासिक नदी मर रही है

बेसिक शिक्षा परिषद की पाठ्य पुस्तक पाठ्य की सामग्री में भारी खोट

Abhi Nov (अंतर्ध्वनि एन इनर वॉइस ) –
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अव्वल तो बेसिक शिक्षा परिषद पाठ्य पुस्तकें लेटलतीफ मुहैया कराती है, तिस पर दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि पाठ्य सामग्री में भारी खोट होता है। मिसाल के तौर पर कक्षा- 06 के नौनिहालों को पढाई जा रही पुस्तक ‘पृथ्वी और हमारा जीवन’ है। इसमें सौरमण्डल के तीसरे बड़े और गैलेक्सी में सूर्य के सातवें सबसे नज़दीक स्थापित ग्रह अरुण के उपग्रहों की संख्या 17 दर्शायी गई है। जबकि, सर्वविदित तथ्य है कि अरुण ग्रह के 27 उपग्रह हैं। यही नहीं, मीथेन गैस की अधिकता की वजह से हरे रंग वाले इस ग्रह का रंग पुस्तक में नीला बताया गया है। इससे साफ़ है कि अरुण ग्रह पर सूर्योदय पश्चिम से होता है तो पृथ्वी पर बेसिक शिक्षा परिषद ने ‘ज्ञान का सूर्यास्त’ पूरब में कर दिया है।

#अरुण (Uranus) के बारे में जानें कुछ तथ्य-
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आकाश के रोमन देवता के नाम वाला यह ग्रह आकार में सौरमण्डल का तीसरा बड़ा गृह है और सूर्य से दूरी में सातवें स्थान पर है। अरुण ग्रह की खोज ‘सर विलियम हर्शल’ ने 13 मार्च 1781 ई0 को की थी। अरुण ग्रह शुक्र ग्रह की तरह सूर्य के पूर्व से पश्चिम की ओर घूमता है।
यह सूर्य की परिक्रमा 84 वर्ष में करता है और इसका घूर्णन काल 10 से 25 घण्टे है। यह अपने अक्ष पर इतना झुका हुआ है (लगभग 82°) कि लेटा हुआ दिखाई देता है, इसलिए इसे लेटा हुआ ग्रह कहा जाता है।

अरुण का आकार पृथ्वी से चार गुना बड़ा है, लेकिन इसे बिना दूरबीन के नहीं देखा जा सकता। मीथेन गैस की अधिकता के कारण यह हरे रंग का दिखाई देता है। अरुण ग्रह में शनि की तरह चारों ओर वलय हैं, जिनके नाम अल्फा, बीटा, गामा, डेल्टा और इप्सिलॅान हैं। इसके 27 उपग्रह है, जिसमें प्रमुख हैं मिरांडा, एरियल, ओबेरॅान, टाइटैनिया, कॅार्डेलिया और ओफेलिया इत्यादि।

अरुण ग्रह की सूर्य से औसत दूरी 2,86,90,39,000 किलोमीटर है। अरुण ग्रह का औसत व्यास 51,400 किलोमीटर और द्रव्यमान 8.6% है। अरुण ग्रह पर सूर्योदय पश्चिम और सूर्यास्त पूरब दिशा में होता है। अरुण ग्रह पर दिन लगभग 11 घन्टे का होता है