अब अगले वर्ष 8 फरवरी को अयोध्या में विवादित स्थल के सम्पत्ति विवाद मामले में उच्चतम न्यायालय सुनवायी करेगा । उच्चतम न्यायालय ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले को चुनौती देने वाली विभिन्न याचिकाओं की सुनवाई आगे बढ़ा दी है । प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति अशोक भूषण और न्यायमूर्ति एस ए नजीब की खण्डपीठ ने अपील से जुड़े वकीलों को सभी आवश्यक दस्तावेज का अनुवाद सुनिश्चित कर अन्य कागजात के साथ सर्वोच्च न्यायालय की रजिस्टरी में विधिवत जमा कराने का निर्देश दिया । इलाहाबाद उच्च न्यायालय के 2010 के फैसले के खिलाफ इस संबंध में चार दीवानी मामलों में 13 अपीलें उच्चतम न्यायालय के पास सुनवाई के लिए आयी थीं । उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में 2.77 एकड़ के विवादित स्थल को तीनों पक्षों सुन्नी वक्फ बार्ड, निरमोही अखाड़ा और रामलला प्राकट्य स्थान में बांटने की व्यवस्था दी थी ।
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