ब्लॉक कोथावां में वोटर लिस्टों की बिक्री के नाम पर हो रही अवैध वसूली

भारतीय कलाकार संघ की पंजाब अध्यक्ष अमनजोत निडर ने की सोनू सूद से मुलाक़ात

डॉ. राजेश कुमार शर्मा पुरोहित, साहित्यकार

भारतीय कलाकार संघ पंजाब प्रांत की अध्यक्ष एवं द वर्ल्ड आर्टिस्ट कम्युनिटी भारत की संस्थापक अमनजोत निडर ने प्रसिद्ध अदाकार एवं समाजसेवी सोनू सूद को उनकी पोट्रेट पेंटिंग भेंट की। सोनू सूद ने न अमनजोत से मिलकर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने यह पेंटिंग इंस्टाग्राम पर देखी थी जब उन्होंने लाइक किया यह काफी ट्रेंड में आई थी वह जानना चाहते थे यह पेंटिंग किसने बनाई है। आज अमनजोत से मिलकर उनको प्रोत्साहित करते हुए कहा कि कला के क्षेत्र में इसी प्रकार से अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करे। सोनू सूद आज वंचितों के मसीहा बनकर उभरे हैं। धन्यवाद करते हुए अमनजोत निडर ने कहा के सोनू सूद जी असल जिंदगी के सच्चे हीरो हैं जो लॉकडाउन से लेकर अब तक अनेकों जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं आज उनको अपने हाथों से पेंटिंग देते समय गर्व महसूस कर रही है इस मौके पर उनके साथ प्रसिद्ध कवि कर्म सिंह कर्म घोलिया ने भी अपनी पुस्तक गजल संग्रह नहीं रुक दे दरिया सोनू सूद को भेंट की और उनका सम्मान किया।

नौनिहालों को कला के क्षेत्र में प्रशिक्षण दे रही है अमनजोत
अमनजोत निडर क्षेत्र की जानी मानी चित्रकार है। वे अपने समय को अधिकांश कला के क्षेत्र में शिक्षा प्राप्त कर रहे बच्चों को कला के गुर सिखाने में बिताती हैं। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाऊन में भी बच्चों को सिखाने का ये सिलसिला उन्होंने थमने नहीं दिया । ऑनलाईन प्लेटफार्म के माध्यम से नई प्रतिभाओं को निखारने का कार्य किया।

चित्रकारिता के साथ साथ साहित्य के क्षेत्र में भी अमनजोत अव्वल
मशहूर चित्रकार अमनजोत सिर्फ चित्रकारिता में ही नहीं बल्कि प्रेरक कविताएं भी लिखती हैं जो पाठकों को प्रेरणा देने का कार्य करती है। उनकी ग़ज़लें समसामयिक घटनाओं और देश के विभिन्न मुद्दों को समेटते हुए लिखी जाती है।

पिता से मिला साहित्यिक उपनाम – निडर
बचपन से ही अमनजोत की बेवाकता और निडरता को देखकर उनके पिता कर्म सिंह बताते हैं कि वे अपनी बेटी को एक बेटे से कम नहीं आंकते। साहित्यिक प्रतिभा को देखते हुए उनके पिता ने उनको साहित्यिक उपनाम निडर प्रदान किया।

अमनजोत एक अच्छी लेखिका
पंजाब की चित्रकार अमनजोत अपने ब्रश से न चित्रों में विविध रँग सजाती है अपितु अपनी उम्दा ग़ज़लो से साहित्य कर क्षेत्र में अलग ही पहचान बना चुकी है। उनकी ग़ज़ल,कविताओं में समसामयिक विषयों पर आधारित होती है। कला,साहित्य के क्षेत्र की ये प्रतिभा यूँ ही अपने परिवार व समाज का नाम रोशन करती रहे।

url and counting visits