सहकारी समितियाँ बदहाल, किसानो की बढ़ीं मुसीबतें

कछौना, हरदोई– किसानों की आय दोगुनी करने में सहकारिता नीति काफी प्रभावी रही है। कई वर्षों से पूर्ववर्ती सरकारों की अनदेखी के चलते सहकारी समितियां दम तोड़ रही हैं। जिससे किसानों को समय पर खाद-बीज मिलने में असुविधा होती है, वहीं मार्केट में ऊंची दरों पर खरीदने को विवश है।

बताते चलें कि किसानों के लिए सहकारी समितियाँ उनके विकास में अहम भूमिका निभाती है। सहकारिता के कारण किसान मजबूत होते हैं। सहकारी समितियों के कारण किसानों के जीवन में आमूलचूल परिवर्तन हुआ था। किसान सूदखोरों से छुटकारा पा रहे थे। कम ब्याज की दर पर खाद बीज भी मिल जाता था। पूर्ववर्ती सरकारों की अनदेखी के चलते यह समितियां दम तोड़ने लगी हैं। 

वर्तमान समय में विकासखंड कछौना की मात्रा चार समितियां कछौना पतसेनी, पुरवा, गौसगंज, बालामऊ सक्रिय हैं। शेष पांच समितियां खजोहना, कमीपुर, पहावां (हथौड़ा), महरी, सुठेना, बंद हो गई है। इनके भवन खंडहर में तब्दील हो गए हैं। ज्यादातर सहकारी समितियों की भूमि पर अवैध कब्जा हो गए हैं। वर्तमान में गौसगंज समिति काफी जर्जर भवन में संचालित है। जिसकी दीवारें दरक गई है। छत का प्लास्टर उखड़ चुका है। बाउंड्रीवॉल गिर चुकी है, कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। कर्मचारी हमेशा डर के साए में रहते हैं। बरसात में अनाज खाद बीज छत टपकने से बर्बाद हो जाते हैं। साधन सहकारी समिति पुरवा की बाउंड्रीवॉल न होने के कारण छुट्टा गौवंश प्रांगण में बैठते हैं। जिसके कारण गंदगी और कूड़े के ढेर हमेशा लगे रहते हैं। 

साधन सहकारी समिति बालामऊ में भी बाउंड्रीवॉल नहीं है। इन समितियों के माध्यम से किसानों की उपज गेहूं, धान, मक्का का एमएसपी मूल्य पर खरीदा जाता है। जिससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए शहर नहीं दौड़ना पड़ता है। इन समितियों की कई इकाई इफको, उपभोक्ता संघ, पीसीएफ सहकारी क्रय-विक्रय समिति, पीसीयू परिवहन क्षेत्र, मत्स्य जीवी सहकारी क्षेत्र, बैंकें, ग्रामीण व शहरी सहकारी भूमि विकास बैंक, सहकारी शीतगृह के माध्यम से किसानों को मजबूत करती है। कछौना के रेलवे गंज में स्थित उपभोक्ता संघ भवन काफी जर्जर है। जिसकी बाउंड्रीवाल टूट चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के चलते कुछ लोगों ने अवैध कब्जा कर निर्माण करा लिया है। वहीं रेलवे गंज भवन में संचालित पीसीएफ केंद्र कई वर्षों से बंद चल रहा है। जिससे किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। 

क्षेत्रीय विधायक रामपाल वर्मा ने बताया बंद पड़ी सहकारी समितियों के भवनों व गोदामों का सहकारी नीति के माध्यम से जीर्णोद्धार कराया जाएगा। जिससे किसान ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित हो सके। सहकारी सहभागिता नीति लागू होने से किसानों को उम्मीद की किरण जग गई है, बंद पड़ी समितियां शीघ्र चालू कराई जाएंगी।