भारतीय वन संशोधन विधेयक-2017 लोकसभा ने आज पारित कर दिया है । इस वर्ष 23 नवम्बर को राष्ट्रपति द्वारा जारी अध्यादेश का यह विधेयक स्थान लेगा । विधेयक में गैर-वन भूमि में लगाये गये बांस को वृक्ष को परिभाषा से छूट देने का प्रावधान है । पर्यावरण और वन मंत्री हर्ष वर्धन ने विधेयक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि पेड़-पौधों के वर्गीकरण में बांस घास की श्रेणी में आता है । लेकिन भारतीय वन अधिनियम, 1927 के अंतर्गत इसे पेड़ माना गया है । इसीलिए इसकी कटाई और ढुलाई के लिए परमिट की आवश्यकता होती है । अब आर्थिक उपयोग के लिए बांसों की कटाई और ढुलाई के लिए परमिट की आवश्यकता नहीं रहेगी ।
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