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उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ ने काँवड़ियों को ‘कोरोना-रोग’ फैलाने के लिए तैयार किया

★ आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय

उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री की काँवड़ियों के लिए काँवरयात्रा निकालने की अनुमति देने की अवसरवादी नीति से देश में कोरोना-संक्रमण का बढ़ना निश्चित है। मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ ने काँवड़ियों के यात्रा के लिए हरी झण्डी दिखा दी है, जो नरेन्द्र मोदी के उस वक्तव्य पर करारा प्रहार है, जिसमें उन्होंने कुछ दिनों पहले इस आशय की बात कही थी कि कोरोना की तीसरी लहर अपने-आप नहीं आयेगी; उसे लोग ही लायेंगे। ऐसे में, प्रश्न है, उत्तरप्रदेश के मुख्यमन्त्री आदित्यनाथ देश को मौत के मुँह में नहीं भेज रहे हैं? क्या आवश्यकता है, ‘धर्म’ की राष्ट्रघाती राजनीति करने की?

उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीशगण लगातार ‘कोरोना’ के प्रति चिन्ता व्यक्त करते आ रहे हैं। कोई ऐसा आयोजन करने से कोरोना-संक्रमण बढ़े तो उसे करने पर उच्चतम न्यायालय ने साफ़ शब्दों में प्रतिबन्धित कर दिया है। ऐसे में, आदित्यनाथ ने काँवड़ियों को यात्रा करने पर प्रतिबन्ध क्यों नहीं लगाया है?
इससे काँवड़िये अपने साथ ‘कोविड-१९’ को ले-लेकर घूमते रहेंगे और जहाँ-जहाँ से उनकी मण्डली निकलेगी, वहाँ-वहाँ के वातावरण को विषाक्त करते जायेंगे।

बेशक, आदित्यनाथ अपनी चुनावी रणनीति को कारगर बनाने के लिए काँवड़ियों को मौत के मुँह में धकेलने जा रहे हैं। इतना ही नहीं, विषाणुग्रस्त जितने भी काँवरिये जहाँ-जहाँ से गुज़रेंगे, वहाँ-वहाँ वे ‘कोविड-१९’ का ‘प्रसाद’ बाँटते जायेंगे। इस प्रकार से ‘सत्ता की राजनीति’ को प्रश्रय देने के लिए आदित्यनाथ किसी भी स्तर का खेल खेल सकते हैं, यह सुस्पष्ट हो चुका है।
देश के प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी इस विषय पर अब क्या कहना चाहेंगे?

(सर्वाधिकार सुरक्षित– आचार्य पं० पृथ्वीनाथ पाण्डेय, प्रयागराज; १४ जुलाई, २०२१ ईसवी।)